उत्तर प्रदेश, राजस्थान में गर्मी का रौद्र रूप, बांदा में पारा 47 डिग्री के पार
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर और मध्य भारत में गर्मी रिकॉर्ड तोड़ रही है। अधिकांश शहरों में तापमान 40 और कुछ जगह 45 डिग्री के पार पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को उत्तर प्रदेश का बांदा भारत ही नहीं दुनिया में सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 47.6 डिग्री दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी दिनों में अंधड़-बारिश के कारण तापमान में 3-4 डिग्री की गिरावट आने के आसार जताए हैं।
रिकॉर्ड
तापमान में हो रहा इजाफा
उत्तर प्रदेश के बांदा में सोमवार को तापमान 47.6 डिग्री तक पहुंच गया, जो अप्रैल महीने में सबसे अधिक है। इससे पहले 30 अप्रैल, 2022 और 25 अप्रैल, 2026 को सबसे ज्यादा 47.4 डिग्री का रिकॉर्ड था। प्रदेश में आज पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कुछ जगह बारिश और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। राजस्थान में आज कुछ जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि बिहार के 13 जिलों में अंधड़-बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
राहत
राजधानी में मिल सकती है राहत
दिल्ली में तेज होती जा रही गर्मी के बीच मंगलवार को मौसम में बदलाव आ सकता है। सुबह बादल छाए रहने के साथ शाम तक अंधड़ और बारिश होने का अनुमान है। इससे अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आस-पास आ सकता है। अगले 2-3 दिनों तक राजधानी में ऐसा ही मौसम देखने को मिल सकता है। मौसम के करवट लेने के पीछे उत्तर राजस्थान और दक्षिण-पश्चिम पंजाब के ऊपर बना एक चक्रवाती सिस्टम है।
बारिश
इन राज्यों में बारिश के आसार
उत्तराखंड के करीब 6 जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश में अगले 6 दिन तक बारिश का अलर्ट है। आज 5 जिलों में ओले गिरने की आशंका जताई है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी होने के आसार हैं। तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।
इंतजाम
सरकार ने बचाव के लिए किए इंतजाम
देश में बढ़ती गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह यूनिट अस्पताल में एक 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स जोन' की तरह काम करती है, जिसका मुख्य उद्देश्य हीट स्ट्रोक के मरीज को 'गोल्डन आवर' में बचाना होता है। बता दें कि हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान 40 डिग्री के पार चला जाता है।