मुंबई में चाकूबाजी की घटना कट्टरपंथी विचारधारा से थी प्रेरित? जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
क्या है खबर?
मुंबई के मीरा रोड इलाके में सोमवार (27 अप्रैल) तड़के 2 सुरक्षा गार्ड्स के साथ हुई चाकूबाजी की घटना ने भयावह मोड़ ले लिया है। पुलिस इसे कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित एक आतंकी घटना के रूप में देख रही है। पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने गार्ड्स से उनकी जाति और धर्म के बारे में पूछताछ की थी और उनके कलमा पढ़ने से इनकार करने पर चाकू से हमला कर दिया था।
घटना
क्या सुरक्षा गार्ड्स पर चाकू से हमले की घटना?
मुंबई पुलिस के अनुसार, यह घटना तड़के करीब 4 बजे नया नगर स्थित एक निर्माणाधीन स्थल पर घटी थी, जहां आरोपी जैब जुबैर अंसारी ने राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो सेन नामक दो सुरक्षा गार्ड्स पर चाकुओं से हमला किया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने राजकुमार से उसका धर्म पूछा था और उसे कलमा (इस्लामी आस्था की घोषणा) पढ़ने के लिए मजबूर किया था। हालांकि, राजकुमार के मना करने पर आरोपी ने उन्हें चाकुओं से गोद दिया।
बचाव
सुरक्षा गार्ड्स ने इस तरह बचाई अपनी जान
पुलिस ने बताया कि आरोपी के शुरुआती हमले के बाद बचने के लिए राजकुमार और सुब्रतो पास बने अपने केबिन के अंदर भागे और दरवाजा बंद कर लिया, जिससे उनकी जान बच गई। गार्ड्स पर हमला करने के बाद आरोपी अंसारी मौके से फरार हो गया। उसके बाद सेन ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों वोकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया। राजकुमार की हालत गंभीर है, जबकि सुब्रतो खतरे से बाहर है।
जानकारी
पुलिस ने 90 मिनट में किया आरोपी को गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि इलाके की CCTV फुटेज की मदद से अंसारी की पहचान की गई और मीरा रोड ईस्ट के नया नगर इलाके में उसके किराए के घर का पता लगाया गया। उसके बाद पुलिस ने महज 90 मिनट में उसे गिरफ्तार कर लिया।
इरादा
पुलिस हमले को मान रही कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित आतंकी घटना
पुलिस का कहना है कि इस तरह की पूछताछ से स्पष्ट संकेत मिलता है कि पीड़ितों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। पुलिस ने बताया कि यह हमला धार्मिक रूप से प्रेरित है और 'लोन वुल्फ' पैटर्न के अनुरूप है। 'लोन वुल्फ' पैटर्न में एक व्यक्ति किसी संगठित आतंकी समूह के प्रत्यक्ष परिचालन समर्थन के बिना हिंसा को अंजाम देता है, लेकिन वैचारिक रूप से प्रभावित होता है। इसकी जांच जारी है।
जांच
पुलिस ने ATS को सौंपी जांच
पुलिस ने इस मामले की जांच महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) को सौंप दी है। ATS के अनुसार, अंसारी ऑनलाइन सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथी बना होगा। उसकी कई टेलीग्राम चैनलों तक पहुंच थी, जो जिहाद की चरमपंथी व्याख्याओं का प्रचार करते हैं और अन्य धर्म के लोगों खिलाफ हिंसा की वकालत करते थे। पुलिस अधिकारियों ने उसके पास गाजा जैसे वैश्विक संघर्षों का जिक्र करने वाली सामग्री और जिहाद के नोट्स भी बरामद किए हैं।
पृष्ठभूमि
अंसारी ने अमेरिका में की पढ़ाई
पुलिस ने बताया कि आरोपी अंसारी साल 2000 में अमेरिका चला गया था और 2019 तक अमेरिका में पढ़ाई के बाद भारत लौट आया। वह मीरा रोड पर किराए के मकान में अकेला रहता है। उसके मकान मालिक ने कथित तौर पर उसे 5 मई तक किराए का फ्लैट खाली करने के लिए कहा था। पुलिस ने बताया कि अंसारी एक कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री और गणित पढ़ाता था। उसके मोबाइल में पहलगाम हमले से संबंधित विडियो भी मिले हैं।
संबंध
अंसारी के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के नहीं मिले सबूत
ATS ने बताया कि अभी तक अंसारी के किसी आतंकी संगठन से सीधे संपर्क के कोई सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि आरोपी ISIS जैसे समूहों से जुड़े दुष्प्रचार से प्रेरित था और लगातार उसके वीडियो देखता था। यह हाल के वर्षों में देखे गए एक व्यापक पैटर्न को दर्शाता है, जहां व्यक्ति औपचारिक भर्ती प्रक्रियाओं के बजाय ऑनलाइन माध्यमों से स्वयं कट्टरपंथी बन जाते हैं। मामले की जांच जारी है।