LOADING...
उत्तराखंड: सवर्ण लड़की से प्रेम करने पर दलित युवक से हैवानियत, नाखून उखाड़े-पैर में कील ठोंकी
उत्तराखंड में सवर्ण लड़की से प्रेम करने पर दलित युवक की हत्या

उत्तराखंड: सवर्ण लड़की से प्रेम करने पर दलित युवक से हैवानियत, नाखून उखाड़े-पैर में कील ठोंकी

लेखन गजेंद्र
Jun 10, 2026
05:15 pm

क्या है खबर?

उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में एक उच्च जाति की लड़की से प्यार करने पर दलित युवक की निर्मम हत्या के मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक के परिवार ने दावा किया है कि 18 वर्षीय केतन लाल की न सिर्फ हत्या की गई बल्कि उसे यातनाएं दी गई। उसके पैर के नाखून उखाड़ दिए गए और पैरों में कील ठोंक दी गई। घटना से इलाके में आक्रोश फैल रहा है। क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।

हत्या

छह महीने से लड़की के संपर्क में था केतन

प्रताप नगर ब्लॉक के देवल गांव निवासी केतन खोलगढ़ गांव की एक उच्च जाति की लड़की के साथ 6 महीने से संपर्क में था। रविवार रात 11 बजे लड़की ने केतन को खोलगढ़ बुलाया, जिसके बाद केतन अपने दोस्त दिवाकर डिमरी को लेकर वहां पहुंचा। लड़की के परिवार ने दोनों को कमरे में बंद कर दिया और लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की। सोमवार सुबह, लड़की के पिता ने केतन के पिता धनपाल को फोन कर उसे ले जाने को कहा।

शिकायत

लड़की के पिता ने केतन के पिता को सुबह फोन कर बुलाया

धनपाल ने पुलिस को बताया कि 8 जून को सुबह यशबीर सिंह पंवार का फोन आया, जिसने बताया कि उनका बेटा केतन और दिवाकर पूरी रात उनकी हिरासत में थे। धनपाल ने बताया कि पंवार ने उनसे कहा कि वह अपने बेटे और दिवाकर को ले जाए, वरना वह उन्हें नदी में फेंक देगा। जब धनपाल पहुंचे तो दोनों को गंभीर रूप से घायल पाया। वे केतन को चौंड लांबगांव स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया।

Advertisement

आरोप

केतन के पिता का आरोप- नाखून उखाड़े, जननांगों पर गंभीर घाव

केतन के पिता ने पत्रकारों के सामने दावा किया कि उनके बेटे की हत्या से पहले उसे बेरहमी से प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने बताया, "उसके नाखून उखाड़ दिए गए, उसके पैरों में लोहे की कीलें ठोंकी गईं और उसके जननांगों पर गंभीर घाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि केतन के शरीर पर व्यापक चोटें थीं, उसकी पीठ, छाती और अंगों पर गहरे निशान थे, जो बताते हैं कि उसके साथ काफी गंभीर शारीरिक शोषण हुआ था।

Advertisement

आक्रोश

पूरे गांव में फैला आक्रोश

केतन की मौत पर पूरे गांव में आक्रोश है। उसके परिजनों ने ग्रामीण और रिश्तेदारों के साथ बौराड़ी जिला अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया और शव लेने से इनकार कर दिया। धनपाल ने कहा "जब तक सभी दोषी गिरफ्तार नहीं होते, मैं शव नहीं ले जाऊंगा, चाहे 4 दिन लगें या 10 दिन। मैं गरीब आदमी हूं। मेरे पास इतने पैसे नहीं हैं कि मैं अदालतों के चक्कर काटता रहूं। मुझे यहीं न्याय चाहिए। तभी मैं शव ले जाऊंगा।"

जांच

पुलिस ने लड़की के पिता और दादा को गिरफ्तार किया

पुलिस ने कहा कि केतन अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित था। शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(v) के तहत मामला दर्ज किया गया है। टिहरी गढ़वाल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि 2 मुख्य आरोपी लड़की के पिता यशवीर सिंह और उसके दादा विद्या सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य की तलाश जारी है।

जानकारी

उत्तराखंड सरकार ने मुआवजे की घोषणा की

पुलिस टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अपराध स्थल से सबूत जुटाए हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच, न्याय और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। उत्तराखंड सरकार ने केतन के परिजनों को 8.25 लाख रुपये मुआवजा की घोषणा की है।

Advertisement