उत्तर प्रदेश की AI उड़ान: 2030 तक 10 गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर, लाखों करोड़ का निवेश लाने का लक्ष्य
उत्तर प्रदेश ने 2030 तक 10 GW डेटा सेंटर बनाने का एक बड़ा लक्ष्य तय किया है। इसका मकसद AI और क्लाउड कंप्यूटिंग के लिए राज्य को एक पसंदीदा केंद्र बनाना है। राज्य रूपांतरण आयोग इन जगहों का चुनाव पहले ही कर लेगा, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आएगी और जमीन से जुड़ी देरी से बचा जा सकेगा।
6 GW चरण के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की जरूरत
पहले चरण में 6 GW क्षमता हासिल करने का लक्ष्य है, जिसके लिए करीब 1 लाख करोड़ रुपये प्रति GW का भारी निवेश लगेगा। सबसे उपयुक्त जगहों का चुनाव करने के लिए मैकिन्से, केर्नी और BCG जैसी बड़ी कंसल्टिंग फर्में दौड़ में शामिल हैं। ये फर्में मिट्टी की मजबूती और बिजली की आपूर्ति जैसे अहम पहलुओं की जांच कर रही हैं।
उत्तर प्रदेश में नोएडा में अडानी, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के डेटा सेंटर या तो बन रहे हैं या उनकी योजना तैयार है। इसके अलावा, लखनऊ में भी एक डेटा सेंटर का निर्माण चल रहा है। हालांकि, डिजिटल सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिसे देखते हुए अधिकारियों का मानना है कि अब बड़े अपग्रेड की सख्त जरूरत है।