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उत्तर प्रदेश: न्यायाधीश रवि कुमार की सख्ती, 4 महीने में 22 को सुनाई मौत की सजा
उत्तर प्रदेश में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 4 महीनों में 22 अपराधियों को सुनाई मौत की सजा

उत्तर प्रदेश: न्यायाधीश रवि कुमार की सख्ती, 4 महीने में 22 को सुनाई मौत की सजा

Aug 17, 2026
04:46 pm

क्या है खबर?

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की फास्ट-ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश ने अपराध के खिलाफ बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ) रवि कुमार दिवाकर ने पिछले मात्र 4 महीनों के भीतर रिकॉर्ड 10 अलग-अलग मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए कुल 22 अपराधियों को मौत की सजा (फांसी) सुनाई है। इसके चलते वह न्यायिक क्षेत्र में सुर्खियों में आ गए हैं। बता दें कि ADJ रवि कुमार अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं।

परिचय

कौन हैं ADJ रवि कुमार?

46 वर्षीय ADJ रवि कुमार मूल रूप से राजधानी लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने BCom करने के बाद पहले LLB की और फिर कानून की मास्टर डिग्री LLM किया।

उन्होंने 2009 में आजमगढ़ में अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश के रूप में अपना करियर शुरू किया।

इसके बाद मई 2015 में उन्हें सुल्तानपुर में सिविल न्यायाधीश और 5 महीने बाद ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में पदोन्नत कर दिया गया। वह नवंबर 2025 से मुजफ्फरनगर में ADJ पद पर हैं।

पहचान

ज्ञानवापी मस्जिद मामले से बनाई पहचान

रवि कुमार 2022 में वाराणसी की दीवानी अदालत में सीनियर डिवीजन के सिविल न्यायाधीश पद तैनात रहे थे।

उस दौरान उन्होंने ज्ञानवापी मस्जिद-श्रृंगार गौरी मामले की सुनवाई की और परिसर का वीडियोग्राफी सर्वेक्षण कराने का फैसला देकर चर्चाओं में आ गए।

इस आदेश देने के बाद उन्हें और उनके परिवार को कई बार सुरक्षा संबंधी खतरों और धमकियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार को उनकी सुरक्षा बढ़ानी पड़ी थी।

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हालिया फैसले

अगस्त में 2 मामलों में 5 अपराधियों को सुनाई मौत की सजा

ADJ रवि कुमार ने 13 अगस्त को 12 साल पुराने हत्या मामले में 4 दोषियों (रामवीर, राजीव, राहुल और हरेंद्र कुमार) को मौत की सजा सुनाई और 17 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।

आरोपियों ने 14 जुलाई, 2014 को शामली पुरानी दुश्मनी के चलते पवन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

12 अगस्त को उन्होंने 1999 के फिरौती के लिए लकड़ी व्यापारी सलीम के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी शाहनवाज को मौत की सजा सुनाई।

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जुलाई

किसान की हत्या और लूट के मामले में 4 अपराधियों को मौत की सजा

ADJ ने 17 जुलाई को साल 2011 शामली जिले में किसान राजसिंह को बीच रास्ते में रोककर लूट का प्रयास करने और विरोध करने पर गोली मारकर हत्या करने के मामले में 4 दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी।

इसी तरह 6 जुलाई को साल 2010 में पंचायत चुनावों में हुई दुश्मनी के चलते राजबीर सिंह (60) की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान प्रमोद और उसके सहयोगी सहदेव को मौत की सजा सुनाई थी।

जानकारी

ऑन ड्यूटी होमगार्ड की हत्या के आरोपी को मौत की सजा

ADJ ने 2 जुलाई को साल 2020 में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड रतिराम की वृद्धा को बचाने के दौरान चाकू से हमला कर हत्या करने के मामले में दोषी पाए गए वृद्धा के बेटे दीपक कुमार को भी मौत की सजा सुनाई थी।

मई-जून

मई और जून में 2 मामलों में 3 दोषियों को सुनाई मौत की सजा

ADJ रवि कुमार ने 20 जून को 2018 में राजेंद्र सैनी की हत्या कर शव को जंगल में जलाने के मामले में गजेंद्र और रामकिरण को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

उन्होंने 30 मई को 2011 में मुजफ्फरनगर में राजेश देवी (30) और उनके बेटे हिमांशु (6) की गन्ने के खेत में बेहरमी से हत्या करने के मामले में दोषी रहीस को मौत की सजा सुनाई थी। उन्होंने घटना को दुर्लभ से दुर्लभतम श्रेणी में रखा था।

अप्रैल

अप्रैल में महिला समेत 7 लाेगों को सुनाई थी मौत की सजा

ADJ रवि कुमार ने 28 अप्रैल को साल 2019 में खेड़ी सूंडियान गांव में उधारी के पैसे मांगने पर लाठी और पत्थरों से किसान शेखर की हत्या के मामले में मुकेश उर्फ बिट्टो और उसके 3 बेटे प्रदीप, संदीप और सोनू को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

इसी तरह 6 अप्रैल को साल 2019 में आर्थिक विवाद में वकील मोहम्मद समीर के अपहरण और हत्या के मामले में तीन लोगों को मौत की सजा सुनाई थी।

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