उत्तर प्रदेश में 3 दिन भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात, 56 मौत
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में शुक्रवार को शुरू हुई बारिश रविवार तक जारी रही, जिससे कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। राज्य में बारिश और अन्य संबंधित घटनाओं में 56 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि 46 लोग घायल हुए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पिछले 60 घंटों में राज्य में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे घरों-फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
बारिश
सीतापुर में सबसे अधिक 7 की मौत
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, सीतापुर में बारिश और तूफान से सबसे अधिक 7 मौत हुई है। इसके बाद लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में 5-5 मौतें हुईं।
राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, अयोध्या और गोरखपुर में 4-4 मौतें हुईं। करीब 1,021 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिसमें सबसे अधिक 272 हरदोई में हुए।
इसके बाद सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
बारिश
राज्य के 75 में से 56 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज
राज्य के 75 में 56 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिनमें फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
इसके बाद कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत बारिश हुई।
लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, बरेली में भी भारी बारिश हुई। साथ ही 30-40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
लगातार बारिश से अधिकतम तापमान भी घटकर 21 डिग्री पर आ गया।
नदी
घाघरा और राप्ती नदियों का जलस्तर बढ़ा
केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने बताया कि लगातार बारिश से घाघरा और राप्ती नदियों में कई निगरानी केंद्रों पर जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
बाराबंकी के एल्गिनब्रिज में, सुबह 8 बजे घाघरा नदी का जलस्तर 106.14 मीटर था, जो खतरे के स्तर 106.07 मीटर से अधिक है।
अयोध्या में नदी का जलस्तर 91.73 मीटर के चेतावनी स्तर के मुकाबले 92.39 मीटर पर था। इसके बढ़कर 92.85 मीटर पहुंचने का अनुमान था।
धूप
3 दिन बाद सोमवार को खिली धूप
शुक्रवार को शुरू हुई बारिश रविवार देर शाम तक जारी रही। सोमवार को 3 दिन की बारिश के बाद धूप खिली।
IMD के मुताबिक, राज्य के ऊपर बना निम्न दबाव रविवार को कमजोर होकर एक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित हो गया, जिससे बारिश से कुछ राहत मिली। यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।
संभावना है कि यह इसी दिशा में आगे बढ़ेगा और अगले 12 घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदल जाएगा।