कूर्ग हिल स्टेशन पर अमेरिकी महिला पर्यटक से रेप, होम स्टे के मालिक और कर्मचारी गिरफ्तार
क्या है खबर?
कर्नाटक में कोडगु (कूर्ग) जिले के हिल स्टेशन पर चौकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 35 वर्षीय अमेरिकी महिला पर्यटक से होम स्टे में रेप किया गया है। घटना की सूचना महिला ने अमेरिकी दूतावास को दी, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सूचित किया गया। उनकी सलाह पर महिला पर्यटक ने स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने होमस्टे के रसोइए बृजेश कुमार और मालिक विशाल पोन्नप्पा को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना
क्या है पूरा मामला?
हिंदुस्तान हेराल्ड के मुताबिक, वाशिंगटन निवासी महिला पर्यटक 12 अप्रैल को कुट्टा गांव पहुंची थी, जहां एक घर के पास बने तंबू में रह रही थी। उसी दिन महिला खाना खाकर सो गई और शाम को उठी तो तबीयत ठीक नहीं लगी। उसने होमस्टे के मालिक पोन्नपा को फोन किया और शक जताया कि तंबू में रहने के दौरान उसके खाने में कुछ मिलाया गया और उसका रेप हुआ है। इसके बाद पोन्नपा ने महिला को घर में जगह दी।
शिकायत
मैसूर जाने के बहाने निकली और शिकायत की
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला होमस्टे में रूकी और आसपास के इलाकों का भ्रमण किया। दावा है कि इस दौरान वाई-फाई न होने से वह किसी से संपर्क नहीं कर सकी। 17 अप्रैल को वह मैसूरु जाने के बहाने रवाना हुई और कोई हंगामा नहीं किया। मैसूरु आकर 5 दिन बाद महिला ने अमेरिकी दूतावास के अधिकारियों घटना की जानकारी दी। दूतावास ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पूरी घटना बताई। इसके बाद महिला ने कुट्टा थाने में औपचारिक मामला दर्ज कराया।
जेल
दोनों आरोपी 3 मई तक जेल भेजे गए
महिला की शिकायत के बाद कोडगु पुलिस ने तुरंत बृजेश और पोन्नपा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बृजेश ने महिला के खाने में बेहोशी की दवा मिलने और यौन उत्पीड़न की बात कबूली है।ट दोनों आरोपियों को पोन्नमपेट न्यायिक परिषद (JMFC) की अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 3 मई तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। मामले की फॉरेंसिक जांच जारी है। अभी जांच शुरूआती दौर में है।
यात्रा
पहले भी होम स्टे में ठहर चुकी थी महिला
रिपोर्ट के मुताबिक, महिला पहली बार उस होम स्टे में नहीं रुकी थी, बल्कि मार्च 2025 में भी कूर्ग आई थी और उसी होम स्टे में रुकी थी, जिससे उसका विश्वास बढ़ा था। कोडागु पुलिस अधीक्षक बिंदू मणि ने बताया कि अमेरिकी दूतावास सीधे कोडागु पुलिस को ईमेल कर रहा है। इससे पहले पीड़िता 25 अप्रैल को अमेरिका वापस जाने वाली थी और उसने मामले को चुपचाप निपटाने का अनुरोध किया था। महिला सदमे में है।