अमेरिका का दोहरा झटका; कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा बताया, पैसिफिक कमान से 'इंडो' को हटाया
क्या है खबर?
अमेरिका ने फ्रांस में G-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बीच दोहरा झटका दिया है। अमेरिकी युद्ध विभाग ने US इंडो-पैसिफिक कमान (USINDOPACOM) को उसके आधिकारिक तौर पर अपने मूल नाम US पैसिफिक कमान (USPACOM) करने की घोषणा की है। इसके अलावा, कमान ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपने परिचालन क्षेत्र के संबंध में आधिकारिक वेबसाइट पर भारत का गलत नक्शा प्रदर्शित किया है, जिसमें कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया है।
झटका
पहले USPACOM कहलाता था USINDOPACOM
कमान ने एक्स पर नया लोगो साझा कर लिखा कि युद्ध विभाग ने यूएस पैसिफिक कमान का नाम फिर से बहाल कर US पैसिफिक कमान किया है। कमान ने बताया कि नाम बदलने के बाद भी USPACOM की जिम्मेदारी अमेरिका के पश्चिमी तट के समुद्री इलाकों से लेकर भारत की पश्चिमी सीमा तक बिल्कुल वैसी ही रहेगी। कमान का मूल मिशन और क्षेत्रीय सहयोगियों-साझेदारों के साथ मिलकर स्वतंत्र और खुला क्षेत्र बनाए रखने की प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं है।
झटका
भारत का गलत नक्शा दिखाया
कमान का बदलाव सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहा। उसने अपनी आधिकारिक वेबसाइट में "जिम्मेदारी क्षेत्र मानचित्र" अनुभाग में भारत का गलत नक्शा प्रदर्शित किया है, जिसमें पूरा जम्मू-कश्मीर शामिल नहीं है। अमेरिका ने नक्शे में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को पाकिस्तान का इलाका दिखाया है। नक्शे में भारत को हल्के हरे रंग से दिखाया गया है, जिसमें जम्मू-कश्मीर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों (PoK और अक्साई चिन) को भारत से अलग रंग में दिखाया है।
इतिहास
ट्रंप ने पहले कार्यकाल में बदला था नाम
अमेरिकी कमान का USPACOM नाम 1 जनवरी, 1947 को राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन ने लागू किया था, जो 70 से अधिक वर्षों तक USPACOM रहा। यह अमेरिका की सबसे पुरानी और बड़ी कमांड है। इसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा स्थापित करने में अपनी अहम भूमिका निभाई है। ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने 2018 में USPACOM का नाम बदलकर इसमें भारत की भूमिका को दर्शाते हुए 'इंडो' जोड़ा था।
मायने
US इंडो-पैसिफिक कमान से इंडो हटाना क्या बताता है?
इसे आसान भाषा में समझें तो बदलाव एक तरह से अमेरिका का चीन-पाकिस्तान की तरफ नरम रुख दिखाता है। दरअसल, अमेरिका ने चीन को संतुलित करने के लिए प्रशांत क्षेत्र में भारत को शामिल कर हिंद-प्रशांत महासागर में चीनी नौसेना प्रभाव को रोकने का संदेश दिया था। तब यह साफतौर पर चीन-केंद्रित अमेरिका-भारत-जापान-ऑस्ट्रेलिया के क्वाड समूह और स्वतंत्र इंडो-प्रशांत रणनीति का हिस्सा था। ट्रंप की बीजिंग की यात्रा के बाद यह उनके चीन के प्रति बदले नजरिए को दिखाता है।
ट्विटर पोस्ट
भारत के नक्शे को गलत दिखाया
Breaking: U.S. Indo-Pacific Command uses an incorrect map of India without all of Jammu and Kashmir and showing PoK as Pakistani territory pic.twitter.com/60MCwQuUW7
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) June 17, 2026