अमेरिकी सरकार वापस लेगी अडाणी के खिलाफ रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी का मुकदमा, क्यों पीछे हटे ट्रंप?
क्या है खबर?
अरबपति उद्योगपति और अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी को जल्द ही अमेरिका में चल रहे धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी के मुकदमे में राहत मिल सकती है। ब्लूमबर्ग का दावा है कि अमेरिकी न्याय विभाग अडाणी के खिलाफ 26.5 करोड़ डॉलर (लगभग 2,500 करोड़ रुपए) के मुकदमे को इस सप्ताह तक वापस लेगा। अडाणी एक साल से अधिक समय से मुकदमे का सामना कर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने अचानक मुकदमा वापस लेने का निर्णय क्यों लिया? आइए जानते हैं।
मुकदमा
अडाणी पर क्या लगे हैं आरोप?
अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (SEC) ने नवंबर 2024 में अडाणी समूह पर अमेरिकी बिजली कंपनियों के साथ सौर ऊर्जा अनुबंध के लिए भारतीय अधिकारियों को 2,300 करोड़ रुपये रिश्वत देने का आरोप लगाया। दावा है कि ये बात अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छिपाई गई। समूह को अनुबंध मिलने से 16,000 करोड़ रुपये लाभ की उम्मीद थी। अमेरिकी कोर्ट ने अडाणी और उनके भतीजे सागर समेत 8 को आरोपी बनाया है। हालांकि, अडाणी समूह ने आरोप नकार दिए थे।
दावा
ट्रंप की वकील टीम नियुक्त करने पर राहत
रिपोर्ट के मुताबिक, आपराधिक आरोपों को तब खारिज करने की संभावना बढ़ी, जब अडाणी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील रॉबर्ट जे गिफ्रा के नेतृत्व में नई कानूनी टीम नियुक्त की। रॉबर्ट ने न्याय विभाग में अप्रैल में हुई गुप्त बैठक में कहा कि आपराधिक मामला चलने तक अडाणी अमेरिका में निवेश नहीं कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अडाणी से मुकदमा हटने पर वे अमेरिका में 95,000 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे और 15,000 नौकरियां पैदा करेंगे।
प्रस्तुति
विभाग को मामला कमजोर होने की प्रस्तुति भी दिखाई
न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि रॉबर्ट ने न्याय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान 100 स्लाइडों की एक प्रस्तुति भी थी, जिसमें यह बताया गया था कि मुकदमे का मामला कमजोर है और अभियोजन पक्ष के पास इस मामले में सबूतों और अधिकार क्षेत्र की कमी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रॉबर्ट ने उसी बैठक के दौरान SEC के एक समानांतर दीवानी मामले और ट्रेजरी डिपार्टमेंट की एक अलग जांच को सुलझाने की भी कोशिश की।
अभियोजक
न्याय विभाग ने दी है अडाणी की डील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया
रिपोर्ट के मुताबिक, अभियोजकों ने कहा कि संभावित निवेश मामले के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन इस प्रस्ताव को न्याय विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। बता दें कि तत्कालीन उपसहायक अटॉर्नी जनरल लिसा मिलर ने कहा था कि ये अपराध वरिष्ठ अधिकारियों और निदेशकों द्वारा अमेरिकी निवेशकों की कीमत पर भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के माध्यम से बड़े पैमाने पर राज्य ऊर्जा आपूर्ति अनुबंध प्राप्त करने और वित्तपोषण करने के लिए किए गए थे।
भुगतान
संबंधित नागरिक धोखाधड़ी मामलों को भी निपटाने की तैयारी
अडाणी को SEC के एक नागरिक धोखाधड़ी मुकदमे का भी सामना करना पड़ा था, जिसे प्रतिभूति नियामक ने गुरुवार को अदालत की मंजूरी के अधीन निपटा दिया। गौतम अडाणी और उनके भतीजे सागर ने SEC द्वारा लगाए गए आरोपों को निपटाने के लिए 1.80 करोड़ डॉलर (लगभग 172 करोड़ रुपये) भुगतान करने पर सहमति जताई है। दोनों में से किसी ने भी किसी भी गलत काम को स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया था।
जानकारी
अडाणी की कुल संपत्ति 82 अरब डॉलर
फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार, 63 वर्षीय अडाणी की कुल संपत्ति 82 अरब डॉलर है, जो उन्हें दुनिया के सबसे धनी लोगों में से एक बनाती है। समूह बंदरगाह, हवाई अड्डे, खनन, बिजली उत्पादन, पारेषण और लॉजिस्टिक्स कारोबार से जुड़ा है।