अयोध्या के राम मंदिर में चंदे का गबन? पूर्व लेखा प्रभारी ने किया चौंकाने वाला खुलासा
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राम मंदिर में चंदे की चोरी का मुद्दा उठाया है, जिसको लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। अब मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह सामने आए हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश के दावों को सही बताया है। उन्होंने यूट्यूब पत्रकारों को दिए साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने अपनी सेवा के दौरान 5 लाख रुपये की हेराफेरी पकड़ी थी और शिकायत भी की थी।
दावा
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को है सारी जानकारी- महिपाल
राजस्थान निवासी और पूर्व बैंक अधिकारी महिपाल ने यूट्यूब चैनलों को बताया कि उन्होंने मंदिर में आ रहे चढ़ावे से 5 लाख रुपये की चोरी पकड़ी थी और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को बताया था। गड़बड़ी पकड़ने के बाद उनको दूसरी जगह भेज दिया गया और राशि गणना कक्ष में लगे CCTV कैमरों की फुटेज डिलीट करवा दी गई। महिपाल ने बताया कि श्रीराम जन्मभूमि के लिए निधि संग्रह शुरू करने पर उन्हें अयोध्या बुलाया गया था।
चोरी
कैसे हो रही चंदे की चोरी?
महिपाल ने बताया कि वह जनवरी 2021 से जुलाई 2022 तक राशि गणना कक्ष में थे। यह मंदिर परिसर में दान की राशि की गिनती के लिए एक विशेष कक्ष है, जिसमें CCTV कैमरे लगे हैं। यहां बैंक के 2 अधिकारी समेत ट्रस्ट के 14 कर्मचारी गिनती करते हैं। यहां नोटो की 10-10 गड्डियों को एक साथ बांधकर रखा जाता है। इसी में खेल हुआ और कर्मचारी 10 की जगह 12-13 की बनाते थे और वाउचर में 10 लिखते थे।
खुलासा
बक्सा खुलवाने पर मिले थे 5 लाख अतिरिक्त रुपये
महिपाल ने बताया कि CCTV फुटेज में गड़बड़ी न पकड़ी जाए, इसलिए बड़ी सावधानी से गड्डी पैक होती थी। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं हुई कि अतिरिक्त पैसों का बंदरबाट कैसे होता था, लेकिन जब उनको इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने बक्सा खुलवाकर 5 लाख रुपये की अतिरिक्त चोरी पकड़ी थी। यह जानकारी चंपत राय, गोपाल भाई साहब और महेंद्र व्यास को दी गई तो उन्होंने उनको हटा दिया और फुटेज डिलीट करवा दी।
खुलासा
आभूषण और सोने-चांदी का हिसाब नहीं
उन्होंने बताया कि उस समय राम मंदिर में 10 चेस्ट थे, जिसमें सोने-चांदी के सिक्के और आभूषण डाले जाते थे, जिसकी कभी कोई एंट्री नहीं होती थी। उन्होंने बताया कि इसका कोई हिसाब-किताब नहीं था और न आतंरिक स्तर पर इसकी रसीद बनाई जाती थी। उन्होंने बताया कि वह भाजपा को अपनी पार्टी मानते हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) उनका वैचारिक परिवार है। उन्होंने कहा कि वह जांच और FIR के लिए भी तैयार हैं और उससे निपट लेंगे।
ट्विटर पोस्ट
महिपाल सिंह का साक्षात्कार
Super Exclusive-
— abhishek upadhyay (@upadhyayabhii) June 9, 2026
“मेरे सामने हुई दान की चोरी
डिलीट किया गया CCTV
ये खेल आज का नहीं, सालों से चल रहा!!”
राम मंदिर दान चोरी का चश्मदीद कैमरे पर।
अयोध्या राम मंदिर के लेखा प्रभारी रहे महिपाल सिंह का टॉप सीक्रेट पर महाविस्फोटक खुलासा।
“मैंने सच बताया तो मुझे नौकरी से हटाया!!”… pic.twitter.com/8Da0ukzrl5
मुद्दा
अखिलेश यादव ने क्या उठाया था मुद्दा?
अखिलेश ने 7 जून को एक्स पर पोस्ट किया था, 'समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है। ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई सफाई देना नहीं चाहता। न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर सनातनी समाज की राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।'