प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी पर लगाए कई आरोप
क्या है खबर?
देश में जारी परीक्षा संकट और छात्र आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर संसद से सड़क तक राजनीतिक पारा चढ़ गया है। मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आधिकारिक आवास के बाहद विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह भी विरोध स्थल पर पहुंचे और राहुल से बातचीत कर धरना समाप्त करने की मांग की।
वार्ता
राहुल और सिंह के बीच क्या हुई वार्ता?
मुलाकात के दौरान सिंह ने राहुल और अन्य कांग्रेस नेताओं से कहा कि सरकार संसद में परीक्षाओं की गड़बड़ी और छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन संसद में व्यवस्था बनाए रखनी होगी।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा करने की कोई आवश्यकता नहीं है। चूंकि यह एक संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए इस तरह का कोई भी लंबा विरोध प्रदर्शन सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
आरोप
सिंह ने राहुल पर लगाया बार-बार मांग बदलने का आरोप
मुलाकात के बाद सिंह ने एक्स पर लिखा, 'सरकार NEET और उससे जुड़े आंदोलन से संबंधित मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके विपरीत, कांग्रेस ने नियमों के अनुसार इस गंभीर मामले पर औपचारिक चर्चा के लिए अभी तक कोई नोटिस नहीं दिया है। राहुल गांधी का व्यवहार लोकतंत्र के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है।'
उन्होंने राहुल पर बार-बार अपनी मांगें बदलने और विरोध प्रदर्शन समाप्त करने के अपने वादे से मुकरने का आरोप भी लगाया।
कार्रवाई
पुलिस ने राहुल और प्रियंका समेत कई कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया
मंत्री सिंह के मुलाकात करने के बाद भी धरना समाप्त न किए जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल, प्रियंका, के सुरेश, समाजवार्दी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
इसके बाद पुलिस ने धरना स्थल को खाली करा दिया और मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया।
इधर, विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर विरोध की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
मांग
सिंह ने राहुल पर लगाया यह अतिरिक्त मांग जोड़ने का आरोप
मंत्री सिंह ने कहा कि सरकार के शीर्ष नेतृत्व से मंजूरी लेने के बाद राहुल को आश्वासन दिया गया कि इस पूरे मामले पर संसद में चर्चा की जाएगी। हालांकि, राहुल ने बाद में एक और मांग जोड़ दी, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल थी।
उन्होंने बताया कि राहुल ने कहा जब तक दोनों मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। ऐसे में स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
मार्च
कांग्रेस नेताओं ने राजाजी मार्ग से प्रधानमंत्री आवास तक निकाला मार्च
पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, पवन खेड़ा, परिणीति शिंदे और मनिकम टैगोर समेत कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए लोक कल्याण मार्ग पर विरोध प्रदर्शन किया।
इस विरोध प्रदर्शन में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन भी शामिल हुए थे।
इससे पहले उन्होंने राजाजी मार्ग से प्रधानमंत्री आवास तक पैदल मार्च भी किया और छात्रों के खिलाफ बर्बरता का आरोप लगाया।
मुलाकात
भाजपा और कांग्रेस नेताओं ने घायल प्रदर्शनकारियों से की मुलाकात
इससे पहले दिन में राहुल, प्रियंका और वेणुगोपाल ने राम मनोहर लोहिया अस्पताल जाकर पुलिस के लाठीचार्ज में घायल हुए प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी घायलों का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।
इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने नड्डा के सामने अपनी मांगें रखीं, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जान गंवाने वाले छोत्रों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग प्रमुख थी।