उज्जैन में शाही मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त करने के AI वीडियो से भड़की थी भीड़
क्या है खबर?
मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार को शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने को लेकर हुए हिंसक विरोध के पीछे फर्जी तरीके से बनाया गया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वीडियो था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मस्जिद समिति के कुछ सदस्य AI वीडियो से गुमराह हुए थे, जिसके बाद हिंसक प्रदर्शन हुआ। अधिकारियों ने बताया कि AI वीडियो में मस्जिद को गलत तरीके से ध्वस्त होते दिखाया गया था और युवाओं को समिति के असंतुष्ट गुट ने भड़काया था।
हिंसा
सोमवार को भड़की थी हिंसा
उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ पर्व से पहले सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है। इसी के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के लिए रविवार रात को प्रशासन पहुंचा था।
तभी हजारों निवासियों ने मस्जिद के चारों ओर मानव श्रृंखला बना ली, जिससे 2,500 पुलिसकर्मियों को बुलाना पड़ा। बाद में मामला आपसी सहमति से सुलझ गया।
लेकिन सोमवार को अधिकारियों के जमा होते ही भीड़ हिंसक हो गई। इस दौरान, आंसू गैस के गोले दागे गए।
बयान
वीडियो में पूरी मस्जिद को ध्वस्त होते दिखाया था
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि एक वीडियो में JCB से पूरी मस्जिद को ध्वस्त करते हुए दिखाया गया था, जो पूरी तरह से झूठा था।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के कारण कुछ लोगों को यह विश्वास हो गया था कि पूरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
पुलिस मूल वीडियो सामग्री को सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले और प्रसारित करने वालों को ढूंढ रही है।
जांच
अब तक 15 लोग गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 3 पुलिस थानों में 20 लोगों के खिलाफ 8 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें 5 कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया पेज भी शामिल हैं।
जांच के परिणामस्वरूप अब तक 15 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने 100 से अधिक इंस्टाग्राम अकाउंट की रिपोर्ट भी दर्ज की है और उज्जैन शहर के काजी रहमान की शिकायत पर FIR दर्ज की है।
पुलिस सामग्री को बार-बार साझा करने वालों को ढूंढ रही है।