कावेरी नदी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक को दिया पानी छोड़ने का आदेश
तमिलनाडु सरकार की ओर से कर्नाटक पर कावेरी नदी का पर्याप्त पानी नहीं छोड़ने की याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के पानी छोड़ने के आदेशों का पालन करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी कहा कि कर्नाटक सरकार अभी भी कुछ पानी दे रही है और अगली सुनवाई में इस बात की जांच की जाएगी कि सब ठीक चल रहा है या नहीं।
तमिलनाडु सरकार ने लगाया 3,500 क्यूसेक पानी की कमी का आरोप
तमिलनाडु का आरोप है कि कर्नाटक ने जुलाई में दिए गए आदेश का पालन नहीं किया, जिसमें प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया था। इस पर कर्नाटक ने सफाई दी कि उसने तो 17 अगस्त तक 12,000 क्यूसेक से भी ज्यादा पानी छोड़ा था। कर्नाटक ने बताया कि इसकी एक वजह केरलम के वायनाड में हुई भारी बारिश थी, जो काबिनी जलाशय के ऊपरी कैचमेंट एरिया का हिस्सा है। कर्नाटक ने यह भी बताया कि इस साल अल नीनो के कारण हालात मुश्किल रहे क्योंकि उसके जलाशयों में पानी की आवक में 66 प्रतिशत की कमी आई थी। राज्य ने अपनी बात रखते हुए कहा कि पानी छोड़ने का लक्ष्य स्थानीय भौगोलिक और जल संबंधी स्थितियों, जलाशयों में पानी के स्तर, पीने के पानी की जरूरतों और पानी के बहाव में होने वाले नुकसान को ध्यान में रखकर तय किया जाता है।