सरकार का अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अहम बयान, कहा- कर रहे प्रभावों का आंकलन
क्या है खबर?
केंद्र सरकार ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से शुक्रवार को टैरिफ पर दिए गए अहम फैसले के बाद शनिवार को अहम बयान जारी किया है। सरकार ने कहा कि वह फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा घोषित किए गए कदमों के प्रभावों का आकलन कर रही है। इसके साथ ही वह इन सभी घटनाक्रमों की संभावित प्रभाव को समझने के लिए उनका बारीकी से अध्ययन भी कर रही है। आइए जानते हैं सरकार ने क्या कुछ कहा।
बयान
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने जारी किया बयान
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा, "हमने कल (शुक्रवार) अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले पर ध्यान दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा कुछ कदम उठाए जाने की भी घोषणा की गई है। हम इन सभी घटनाक्रमों के प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं।" मंत्रालय ने आगे कहा, "सरकार इन सभी घटनाक्रमों की संभावित प्रभाव को समझने के लिए उनका बारीकी से अध्ययन कर रही है।"
अवैध
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ को अवैध बताया
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ की घोषणा करते समय 1977 के अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल कर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया था। न्यायाधीशों ने निष्कर्ष निकाला कि इस अधिनियम ने ट्रंप को टैरिफ लगाने का वह अधिकार नहीं दिया था जिसका उन्होंने दावा किया था। यह टैरिफ से जूझ रहे देशों के लिए बड़ी राहत है।
आदेश
ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया यह कदम
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ घंटे बाद ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत सभी देशों से आयात पर 10 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। नए शुल्क 24 फरवरी को सुबह 10:31 बजे (भारतीय समयानुसार) से लागू होंगे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक टैरिफ लगाने वाले कानून पर हस्ताक्षर करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है, जो लगभग तुरंत प्रभावी हो जाएगा।'