मेकेदाटू पर केंद्र सरकार ने बदला रुख, तमिलनाडु सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा दखल
केंद्र सरकार के मेकेदाटू बांध पर रुख में अब बदलाव आया है। सरकार का कहना है कि अब कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) को यह बताना होगा कि प्रस्तावित परियोजना में पानी के उपयोग की योजना कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (CWDT) के निर्णय के अनुरूप है या नहीं। यह उस पिछली बात से बिलकुल अलग है जो उसने 2 हफ्ते पहले कही थी। तब सरकार ने कहा था कि फरवरी 2018 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कर्नाटक को कावेरी पर किसी भी तरह का ढांचा बनाने के लिए तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की सहमति लेने का कोई जिक्र नहीं था।
तमिलनाडु सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी से की बयान वापस लेने की मांग
सरकार के इस बदले हुए रुख से तमिलनाडु सरकार नाखुश है। मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने प्रधानमंत्री मोदी से दखल देकर अपना पुराना बयान वापस लेने को कहा है। इसी बीच 11 अगस्त को CWRC और CWMA अलग-अलग बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में चर्चा होगी कि कर्नाटक को कितना पानी छोड़ना चाहिए। तमिलनाडु की मांग है कि कर्नाटक पहले से तय मात्रा से ज्यादा पानी छोड़े।