बीरेन सिंह को फंसाने वाली ऑडियो में 41 जगह 'छेड़छाड़', केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में सौंपी फॉरेंसिक रिपोर्ट
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह को जातीय हिंसा से जोड़ने वाली ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ साफ तौर पर छेड़छाड़ हुई है। केंद्र के वकील ने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी की फॉरेंसिक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि याचिकाकर्ता ने जो क्लिप जमा की थीं, उनमें 41 जगहों पर बदलाव किए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को रिपोर्ट देखने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों को छह पन्नों वाली इस फॉरेंसिक रिपोर्ट की समीक्षा करने को कहा है। याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने इस दौरान पहले आई 'ट्रुथ लैब्स' की एक रिपोर्ट का जिक्र किया। उस रिपोर्ट में कहा गया था कि रिकॉर्डिंग में मौजूद आवाजों में "93 प्रतिशत समानता" पाई गई थी। अब केंद्र चाहता है कि यह याचिका खारिज कर दी जाए। वहीं, अगली सुनवाई से पहले दोनों पक्षों को अपना जवाब दाखिल करने के लिए थोड़ा और समय मिल गया है।