करुणा नियुक्ति पर मद्रास हाई कोर्ट का फैसला पलटने तमिलनाडु पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
तमिलनाडु अब मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है। यह मामला 2025 में करूर में अभिनेता जोसेफ विजय के रोड शो के दौरान हुई भगदड़ से जुड़ा है, जहां राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को सरकारी नौकरी देने की योजना बनाई थी। राज्य सरकार का कहना था कि ये नियुक्तियां सिर्फ दयाभाव से की जा रही थीं, लेकिन हाई कोर्ट इस बात से सहमत नहीं हुआ। कोर्ट ने साफ कहा कि सरकार ने करुणा नियुक्ति के लिए बने तय नियमों का पालन नहीं किया।
हाई कोर्ट ने कहा- नौकरियां वरीयता सूची के अनुसार
मद्रास हाई कोर्ट ने साफ-साफ कहा कि सरकारी नौकरियां सिर्फ उन्हीं लोगों को मिलनी चाहिए जिनका नाम प्रतीक्षा सूची में है और जो वरीयता क्रम में हैं। कोर्ट ने समझाया कि सरकारी नौकरी देने का यह तरीका तत्काल मदद के लिए नहीं है।
अदालत का कहना था कि अगर इन नियमों को दरकिनार किया गया, तो यह समानता के संवैधानिक सिद्धांतों और कानूनी प्रक्रियाओं के खिलाफ होगा। इससे एक गलत परंपरा शुरू हो जाएगी और ऐसी नियुक्तियों की बाढ़ आ सकती है।