तमिलनाडु ने ड्रग के ओवरडोज से होने वाली मौतों में पंजाब को पीछे छोड़ा
क्या है खबर?
मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली मौत के मामले में तमिलनाडु ने पंजाब को पीछे छोड़ दिया है। यह खुलासा भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्याओं पर राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) की नवीनतम रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में पंजाब में मादक पदार्थों के ओवरडोज से 106 मौत हुई है, जबकि तमिलनाडु में एक साल के अंदर 313 मौत दर्ज हुई है। मध्य प्रदेश इस मामले में 90 मौत के साथ तीसरे स्थान पर है।
मौत
देशभर में कुल 978 मौत दर्ज
NCRB के मुताबिक, पंजाब में मादक पदार्थ के ओवरडोज से 2022 में 117 मौत हुई थी, जो 2023 में घटकर 89 हो गई थी। हालांकि, 2024 में यह 106 हो गई है। देशभर में ओवरडोज से 2022 में 681 और 2023 में 654 मौत हुई थीं, जो 2024 में तेजी से बढ़कर 978 हो गई है। तमिलनाडु में 2022 में 50, 2023 में 65 मृत्यु हुई थी, लेकिन 2024 में अचानक से ज्यादा बढ़ोतरी चिंताजनक है।
आंकड़े
पंजाब के पड़ोसी राज्यों की स्थिति भी चिंताजनक
पंजाब के पड़ोसी राज्यों में भी स्थिति चिंताजनक है। हिमाचल प्रदेश में 2024 में 31 मौत हुई, जो 2023 में 21 दर्ज थी। हरियाणा में पिछले साल शून्य मौत दर्ज हुई थी, जो 2024 में 3 हो गई है। चंडीगढ़ में मामूली गिरावट देखी गई है और यहां मौत 8 से घटकर 7 हो गई है। पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर में देश में होने वाली कुल मौतों का 15.3 प्रतिशत हिस्सा है।
खतरा
पंजाब में खतरा टला नहीं, तमिलनाडु में बढ़ा
पंजाब में मौते कम हुई है, लेकिन अत्यधिक ड्रग्स के सेवन का खतरा टला नहीं है। NCRB अपराध 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में कुल अपराध 8,973 में 6,060 मामले तस्करी के उद्देश्य से ड्रग्स रखने से संबंधित थे, जबकि उत्तर प्रदेश में ये मामले 3,219 और राजस्थान में 2,758 रहा है।तमिलनाडु में इस बार के विधानसभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी AIADMK पार्टी ने मादक पदार्थ का मुद्दा उठाया था। यह कॉलेज-स्कूल तक पहुंच गया है।