तमिलनाडु में महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर, सहकारिता को मिलेगी डिजिटल शक्ति; 7,015 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
तमिलनाडु सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने और सहकारी समितियों को आधुनिक रूप देने के लिए 7,015 करोड़ रुपये की एक बड़ी योजना पेश की है। इस योजना का मुख्य आकर्षण 'सिंगपेनगल एंटरप्रेन्योरशिप क्रेडिट स्कीम' है, जिसके तहत महिलाओं को सहकारी समितियों के माध्यम से आसानी से कर्ज मिल पाएगा।
इस पैकेज में किसानों के लिए बेहतर कर्ज विकल्प, स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग के स्मार्ट तरीके और पूरे राज्य में डिजिटल सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्रामीण कर्ज के लिए राज्य योजना में 5,000 करोड़ का प्रावधान
इस योजना के तहत ग्रामीण व्यवसायों को 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा, जो सिर्फ 9 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा। इसके साथ ही, किसानों को अपनी उपज को तब तक स्टोर करने में भी मदद दी जाएगी, जब तक उन्हें बाजार में सही कीमत नहीं मिल जाती।
महिला स्वयं सहायता समूहों को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वे खेती के कचरे से नए उत्पाद तैयार कर सकें। सहकारी समितियों के सभी उत्पाद अब 'वेत्री' ब्रांड के नाम से बेचे जाएंगे। खाद और बीज की बिक्री बढ़ाने पर भी खास जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, 3,452 प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों में माइक्रो-ATM स्थापित किए जाएंगे और राशन की दुकानों पर भी UPI भुगतान की सुविधा शुरू होगी। इन सब से लोगों का काम और भी आसान और तेज हो जाएगा।