अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी पर सुप्रीम कोर्ट ने SIT से रिपोर्ट मांगी, सरकार-ट्रस्ट को नोटिस
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अयोध्या के राम मंदिर में हुई चंदा चोरी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच की मांग करने वाली कई याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान, भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने केंद्र, राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से चंदा चोरी मामले की जांच की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी है।
सुनवाई
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने सोमवार को 3 याचिकाओं पर सुनवाई कर कहा, "नोटिस जारी करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नोटिस स्वीकार किया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करें। एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहें। हम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT को कोर्ट के समक्ष स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देते हैं। SIT में सदस्यों की संरचना होनी चाहिए।"
याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय, दिनेश कुमार यादव और नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने दायर की है।
याचिका
याचिका में CAG जांच की भी मांग
गोस्वामी द्वारा दायर याचिका में CBI से मामले की जांच कराने और अयोध्या राम मंदिर का प्रबंधन करने वाले ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से जांच कराने की मांग की है।
अजय राय और दिनेश यादव की याचिका में भी CBI जांच के अलावा केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को श्रद्धालुओं और दानदाताओं के हितों की रक्षा के लिए उचित उपाय करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
याचिका
SIT जांच पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ताओं ने SIT जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उसके पास एक जटिल वित्तीय जांच के लिए आवश्यक फोरेंसिक और जांच संबंधी बुनियादी ढांचे का अभाव है।
साथ ही, बिना FIR दर्ज किए जांच शुरू करने से इसके निष्कर्षों के साक्ष्य को चुनौती दिए जाने का खतरा है।
याचिकाकर्ताओं ने कहा कि भले लापता धन और अनियमितता के आरोप सिद्ध हों या न हों, लेकिन इसने राम मंदिर में योगदान देने वालों के बीच चिंता पैदा की है।