सुप्रीम कोर्ट से आसाराम को नहीं मिली जमानत; सेहत बिगड़ने पर होगा विचार, देखभालकर्ता रख सकेंगे
क्या है खबर?
बलात्कार के मामले में सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम बापू को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों से जमानत देने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और पीबी वराले की पीठ ने कहा कि अगर आसाराम का स्वास्थ्य बिगड़ता तो वह जमानत के लिए दोबारा से आवेदन कर सकते हैं। साथ ही, कोर्ट ने आसाराम को अपनी पसंद के प्रशिक्षित देखभालकर्ता की 24 घंटे सहायता लेने की छूट दी है।
सुनवाई
AIIMS की रिपोर्ट पर कोर्ट ने किया फैसला
कोर्ट ने गुरुवार को यह फैसला अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS) द्वारा प्रस्तुत एक चिकित्सा रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए दिया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आसाराम को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं हो सकती है, लेकिन उन्हें 24 घंटे चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो सकती है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, "हमने AIIMS द्वारा दिनांक 31 जुलाई, 2026 को लिखे गए पत्र पर ध्यान दिया है।"
जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने AIIMS टीम से कराई थी जांच
राजस्थान के जोधपुर में 2013 में अपने आश्रम में एक नाबालिग बच्ची के साथ बलात्कार समेत कई आरोपों में आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट ने सजा सुनाई है।
इस फैसले को आसाराम ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। साथ ही, चिकित्सा कारणों से अंतरिम जमानत मांगी है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 21 जुलाई को AIIMS निदेशक को आसाराम की डॉक्टरों की टीम से जांच कराने और मेडिकल रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।