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सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश पर लगाया पद के दुरुपयोग का आरोप
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर लगाया पद के दुरुपयोग का आरोप

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश ने राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश पर लगाया पद के दुरुपयोग का आरोप

लेखन गजेंद्र
Aug 26, 2026
03:32 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश संदीप मेहता ने राजस्थान हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर पद के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर न्यायमूर्ति शर्मा को हटाकर किसी अन्य राज्य के मुख्य न्यायाधीश को 'तत्काल प्रभाव से' नियुक्त करने का अनुरोध किया है। यह खुलासा बार एंड बेंच को प्राप्त पत्रों से हुआ है, जो न्यायमूर्ति मेहता ने CJI लिखा है।

शिकायत

पत्र में क्या है?

रिपोर्ट के मुताबिक, 2, 10 और 17 अगस्त के पत्रों में, न्यायमूर्ति मेहता ने न्यायमूर्ति शर्मा पर धनी वादियों के पक्ष में मामलों की सूची में हेरफेर करने और अगले महीने अपनी सेवानिवृत्ति से पहले प्रशासनिक शक्तियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।

अपने 2 अगस्त के पत्र में न्यायमूर्ति मेहता ने लिखा कि राजस्थान की अपनी यात्राओं के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट के कई न्यायाधीशों ने उनसे मुलाकात कर न्यायमूर्ति शर्मा के अनुचित व्यवहार पर नाराजगी जताई थी।

शिकायत

न्यायमूर्ति शर्मा पर क्या-क्या आरोप?

शिकायती पत्र में बताया गया है कि न्यायमूर्ति शर्मा ने जयपुर और अजमेर में अपने करीबी लोगों के लिए स्थायी लोक अदालत में नियुक्तियां सुनिश्चित की हैं।

आरोप है कि उन्होंने हाई कोर्ट में पदोन्नति के लिए 4 महिला अधिवक्ताओं के नाम भेजे हैं, जबकि कोई भी महिला अधिवक्ता सक्रिय रूप से वकालत नहीं कर रही हैं।

उन पर सहयोगी न्यायाधीशों के खिलाफ प्रतिशोधात्मक आचरण और सुनवाई में हेराफेरी की भीशिकायत की गई है।

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तबादला

न्यायमूर्ति शर्मा का 2022 में हो चुका था राजस्थान से तबादला

न्यायमूर्ति शर्मा नवंबर 2016 में राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश बने और 2022 में उनका तबादला पटना कर दिया गया।

उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से घर वापसी का अनुरोध किया, तो तत्कालीन CJI डीवाई चंद्रचूड़ की कॉलेजियम ने मार्च 2023 में उनका अनुरोध अस्वीकार कर उन्हें पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट भेज दिया।

हालांकि, मई 2025 में, कॉलेजियम के एक नए प्रस्ताव ने राजस्थान में उनकी वापसी की सिफारिश की। वे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बने और 10 महीने से पद पर हैं।

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