महाराष्ट्र में 2 हफ्तों में लगे 29 भूकंप के झटके, वैज्ञानिकों ने बताई हैरान करने वाली वजह
महाराष्ट्र में सिर्फ 2 हफ्तों के अंदर 29 हल्के भूकंप दर्ज किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर झटके नासिक के पास महसूस किए गए, जबकि कुछ पालघर में और एक नागपुर में आया जिसकी तीव्रता 4.3 मापी गई।
असल में, ये कोई एक बड़ा भूकंप नहीं है, बल्कि ये 'भूकंप झुंड' कहलाते हैं। इसका सीधा-सा अर्थ है कि एक ही क्षेत्र में कम समय में कई छोटे और लगभग एक जैसी तीव्रता वाले भूकंप लगातार आते रहते हैं।
दक्कन की लावा चट्टानें, बारिश और जलाशय
यह पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में ऐसे भूकंप झुंड देखे गए हैं। पालघर जैसे इलाकों में तो 2018 से ही ऐसे झटके महसूस किए जा रहे हैं।
वैज्ञानिक बताते हैं कि दक्कन के पठार की प्राचीन लावा चट्टानों में पहले से ही कई दरारें मौजूद हैं, जिस वजह से यह क्षेत्र भूकंप के लिए संवेदनशील है।
टेक्टोनिक प्लेटों में होने वाली हलचल से पैदा होने वाला दबाव और भारी बारिश भी इन झटकों को ट्रिगर कर सकती है।
इतना ही नहीं, कोयना-वारणा जैसे इलाकों में तो जलाशयों में पानी भरने की वजह से भी पहले भूकंप आ चुके हैं। ऐसे में, इन भूकंपों के पीछे प्राकृतिक और मानवीय गतिविधियां, दोनों ही जिम्मेदार मानी जा रही हैं।