रॉबर्ड वाड्रा को हरियाणा जमीन सौदे मामले में मिली जमानत
क्या है खबर?
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को गुरुग्राम के शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी राहत मिली है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 50,000 रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। उन्होंने कहा, "मैं प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जानता हूं; ED को सरकार चला रही है, बस यही बात है। ED का ये रवैया सही नहीं है। मैं निडर हूं, मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।"
मामला
क्या है मामला?
वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने फरवरी 2008 में गुरूग्राम के शिकोहपुर में ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से 3.5 एकड़ का भूखंड 7.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके बाद वाड्रा ने 2012 में जमीन को 58 करोड़ रुपये में रियल एस्टेट कंपनी DLF को बेंच दी। ED का दावा है कि वाड्रा ने इस सौदे से 58 करोड़ रुपये कमाए और PMLA के तहत जांच कर रही है। 2019 में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था।
अन्य आरोपी
पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा भी आरोपी
1 सितंबर, 2018 को हरियाणा पुलिस ने गुरुग्राम के खेड़की दौला थाने में FIR दर्ज की थी। इसमें वाड्रा, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, DLF और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्रा. लि. समेत अन्य पर धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इस मामले में वाड्रा की संपत्तियां भी अटैच की गई थी। ED का कहना है कि वाड्रा ने 3.5 एकड़ जमीन रिश्वत के रूप में ली थी। उन्होंने इसके लिए 7.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।