दिल्ली-पंजाब की हवा में प्रदूषण का चौंकाने वाला सच: PM2.5 का बड़ा हिस्सा पाकिस्तान से
एक नई रिपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली के खतरनाक PM2.5 प्रदूषण का करीब 33 प्रतिशत हिस्सा असल में पाकिस्तान से आता है। दिल्ली-NCR के प्रदूषण में स्थानीय स्रोतों का 28 प्रतिशत योगदान है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी घरों में खाना बनाने के लिए लकड़ी या गोबर के उपले जलाने की है।
इसके बाद इंडस्ट्री, खेती-बाड़ी और ट्रैफिक से होने वाला प्रदूषण आता है। रिपोर्ट साफ बताती है कि प्रदूषण सिर्फ एक जगह की समस्या नहीं है। सीमा पार होने वाली हर गतिविधि का सीधा असर भारत की राजधानी की हवा पर पड़ता है।
पंजाब का 52 प्रतिशत PM2.5 घरों से
पंजाब में हालात और भी खराब हैं। यहां के 40 प्रतिशत PM2.5 प्रदूषण के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार है, जबकि करीब 52 प्रतिशत स्थानीय प्रदूषण घरों से ही पैदा होता है।
राज्य में PM2.5 का सालाना औसत स्तर 77.8 mg/m3 है। रिपोर्ट सलाह देती है कि भारत को बेहतर डेटा ट्रैकिंग सिस्टम की जरूरत है, जिसमें सैटेलाइट्स का भी इस्तेमाल हो सके। साथ ही, राज्यों को मिलकर धुंध से निपटने के लिए बेहतर तालमेल बिठाना होगा, क्योंकि साफ हवा किसी सरहद को नहीं मानती।