राहुल गांधी ने OSM में अनियमितताओं को उजागर करने वाले सार्थक सिद्धांत से की मुलाकात
क्या है खबर?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में अनियमितताओं को उजाकर करने वाले रांची के 17 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत से मुलाकात की। राहुल ने कक्षा 12 के छात्र से उन विसंगतियों के बारे में जानकारी मांगी, जिनका उसने दावा किया है कि उसने OSM प्रणाली से संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करने के बाद अनियमिताओं को उजागर किया है।
आमंत्रण
छात्र को संसदीय समिति के समक्ष प्रस्तुत होने के लिए किया गया आमंत्रित
झारखंड निवासी सार्थक को भी मंगलवार को संसद भवन में संसदीय समिति के समक्ष अपने निष्कर्ष प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया था। सार्थक ने इस वर्ष CBSE की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दी थी और वह बोर्ड द्वारा शुरू की गई OSM प्रणाली से प्रभावित छात्रों में से एक है। OSM को लेकर चिंताएं सामने आने के बाद सार्थक ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन की हुई प्रति के लिए आवेदन किया था।
उजागर
सार्थक ने सोशल मीडिया के जरिए किया अनियिमतताओं को उजागर
सार्थक को दस्तावेजों की समीक्षा करने पर OSM प्रणाली पर संदेह हुआ और उन्होंने प्रणाली से संबंधित CBSE निविदा अभिलेखों की स्वतंत्र रूप से जांच शुरू की। कई दिनों तक निविदा दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट और एक विस्तृत ब्लॉग में दावा किया कि उन्होंने निविदा प्रक्रिया में कई विसंगतियों की पहचान की है। इसके बाद इस मामले में देशभर में विरोध शुरू हो गया।
आरोप
सार्थक ने निविदा की शर्तों में बदलाव के आरोप लगाया
सार्थक के अनुसार, CBSE के विभिन्न निविदा दस्तावेजों की तुलना करने पर विशेष सेवा प्रदाता को लाभ देने का शक हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि फरवरी 2025 में जारी OSM निविदा के लिए TCS और कोएम्प्ट एडुटेक ने आवेदन किया था। उन्होंने दावा किया कि मूल निविदा को बाद में सार्वजनिक रिकॉर्ड से हटा दिया गया और बाद की निविदा में शर्तों को संशोधित किया गया। इससे कोएम्प्ट एडुटेक को आसानी से अर्हता प्राप्त हो गई।
जांच
सरकार ने दिए OSM मामले में जांच के आदेश
मामले में विरोध को देखते हुए केंद्र सरकार ने OSM के लिए सेवाओं की खरीद से संबंधित मामलों की जांच क्षमता निर्माण आयोग (CBC) की अध्यक्ष एस राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति को सौंपी है। यह समिति OSM सेवाओं की खरीद की जांच करेगी और एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को अपनी रिपोर्ट देगी। समिति के अध्यक्ष को आवश्यकतानुसार अन्य कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता प्राप्त करने का अधिकार है।
कार्रवाई
सरकार ने मामले में क्या की कार्रवाई?
केंद्र सरकार ने CBSE की OSM प्रणाली को लेकर शुरू हुए भारी विरोध के बीच बड़ी कार्रवाई करते हुए बोर्ड के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया है। CBSE के अध्यक्ष राहुल सिंह (IAS), बोर्ड के समग्र कामकाज और परीक्षा सुधारों का नेतृत्व कर रहे थे, और सचिव हिमांशु गुप्ता (IAS), प्रशासन, वित्त और संबद्धताओं की देखरेख कर रहे थे। सरकार ने राहुल सिंह की जगह वरिष्ठ IAS अधिकारी प्रशांत सीताराम लोखंडे को लगाया है।