चंडीगढ़ में सिख युवकों की रिहाई को लेकर राजभवन कूच, दागे गए आंसू गैस के गोले
क्या है खबर?
पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ में शनिवार को कौमी इंसाफ मोर्चा से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर राजभवन तक कूच किया। इस दौरान चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर पुलिस से उनकी झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। पूर्व सांसद और शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेता सिमरनजीत सिंह मान भी भेष बदलकर प्रदर्शन में पहुंचे थे, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
झड़प
आगे बढ़ने से रोकना चाह रही थी पुलिस
कौमी इंसाफ मोर्चा काफी समय से सिख कैदियों की रिहाई के लिए "बंदी सिंह" आंदोलन चला रहा है। ये वे कैंदी हैं, जो सजा पूरी होने के बाद भी बंद हैं। इसी को लेकर स्वतंत्रता दिवस के दिन राजभवन कूच की योजना बनाई गई थी।
प्रदर्शनकारियों के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था काफी कड़ी की थी। कूच शुरू होने के बाद पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन तभी स्थिति बिगड़ गई।
ट्विटर पोस्ट
पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर आंसू गैस और पानी की बौछार की
चंडीगढ़: पुलिस ने चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे 'कौमी इंसाफ़ मोर्चा' के सदस्यों पर वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी सिख कैदियों (बंदी सिखों) की रिहाई की मांग कर रहे थे। pic.twitter.com/GXacvttt71
— IANS Hindi (@IANSKhabar) August 15, 2026
विवाद
3 साल से धरना दे रहा संगठन
मोर्चा 3 साल से सिख बंदियों की रिहाई की मांग को लेकर मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर धरना दे रहा है।
उसकी मांग है कि जगतार सिंह हवारा, बलवंत सिंह राजोआना, जगतार सिंह तारा, परमजीत सिंह भ्योरा, देविंदरपाल सिंह भुल्लर, गुरदीप सिंह खेड़ा, लखविंदर सिंह लक्खा, गुरमीत सिंह और शमशेर सिंह को रिहा किया जाए।
इन पर आतंकवाद और हत्या जैसे संगीन आरोप हैं।
पिछले साल भी संगठन ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च किया था, तब पुलिस से उनकी झड़प हुई थी।