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पुणे पुलिस ने सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की मांग की, कहा- नहीं पता किसने दिया धक्का
पुणे पुलिस ने सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट कि मांग की

पुणे पुलिस ने सिया के लाई-डिटेक्टर टेस्ट की मांग की, कहा- नहीं पता किसने दिया धक्का

लेखन गजेंद्र
Jul 02, 2026
11:58 am

क्या है खबर?

महाराष्ट्र के पुणे में 26 वर्षीय व्यवसायी केतन विशाल अग्रवाल की हत्या के मामले में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस ने गुरुवार को कोर्ट के सामने कहा कि आरोपी सिया गोयल के बयानों के अलावा और कोई प्रत्यक्ष या निर्णायक सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो कि केतन को खाई में किसने धकेला। पुलिस ने कोर्ट से सिया गोयल का लाई-डिटेक्टर (पॉलीग्राफ) परीक्षण कराने की अनुमति मांगी है।

जांच

नहीं मिला कोई सुराग

पुलिस ने कोर्ट में जमा किए अपने आवेदन में बताया कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और सह-आरोपी उसके प्रेमी चेतन चौधरी के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। पुलिस ने बताया कि जांच को आगे बढ़ाने के लिए पॉलीग्राफ परीक्षण आवश्यक है, ताकि परीक्षण से जांच में नए सुराग मिल सकते हैं। इससे पहले बुधवार को पुणे ग्रामीण पुलिस ने बताया कि वह जांच कर रही है क्या केतन के मोबाइल फोन से सबूत मिटाया गया था।

वीडियो

सिया के नए वीडियो से हड़कंप

हत्याकांड की जांच के बीच सिया गोयल का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है। वीडियो में सिया एक क्लब में डांस करते दिख रही हैं। उनके एक हाथ में कुछ पेय पदार्थ का गिलास और दूसरे हाथ में मोबाइल है। वह मोबाइल में किसी को गाली देते दिख रही हैं। इससे पहले सिया के परिवार ने बताया था कि सिया शराब या क्लब नहीं जाती है।

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जानकारी

क्यों कराया जा रहा पॉलीग्राफ?

पॉलीग्राफ परीक्षण अक्सर उन मामलों में कराए जाते हैं, जहां प्रथम दृष्ट्या या सहायक साक्ष्य सीमित होते हैं। हालांकि, इसके परिणाम कोर्ट में ठोस साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं होते हैं। इनका उपयोग केवल जांच के दौरान सुराग जुटाने में किया जाता है।

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