
निर्भया गैंगरेप: राष्ट्रपति ने मुकेश के बाद अब दोषी विनय की दया याचिका भी की खारिज
क्या है खबर?
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया गैंगरेप के दोषी मुकेश सिंह के बाद अब दूसरे अपराधी विनय शर्मा की दया याचिका भी खारिज कर दी है। इसके साथ अब उसकी भी फांसी का रास्ता साफ हो गया है। अब इन दोनों के पास अपने बचाव के लिए कोई भी विकल्प नहीं बचा है।
अब दोनों का फांसी पर लटकना तय है। गौरतलब है कि 1 फरवरी को फांसी से बचने के लिए विनय ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी थी।
दलील
विनय ने दया याचिका में दी थी आखिरी अपराध होने की दलील
सुप्रीम कोर्ट से क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद विनय ने राष्ट्रपति के पास भेजी दया याचिका में उसका आखिरी अपराध होने की दलील दी थी।
याचिका में विनय ने कहा था कि वह जेल की प्रताड़नों से पहले ही कई बार मर चुका है। साल 2016 में हुई वह खौफनाक वारदात उसका आखिरी अपराध था। ऐसे में वही तय करें कि क्या मौत ही उसके लिए सजा का आखिरी प्रावधान है।
हालांकि, राष्ट्रपति पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
आखिरी लाइफ-लाइन
अब अक्षय ने लगाई राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका
राष्ट्रपति की ओर से अपराधी विनय की दया याचिका खारिज करने के बाद अब तीसरे अपराधी अक्षय ने भी अपनी आखिरी लाइफ-लाइन का उपयोग कर लिया है।
अक्षय ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजकर सजा माफी की मांग की है। ऐसे में अब यह तीसरा अपराधी है जिसने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी है।
इस याचिका के भेजने से अब अपराधियों के फांसी पर लटगाए जाने का समय थोड़ा और आगे बढ़ सकता है।
दूसरी दया याचिका
राष्ट्रपति ने पहले खारिज की थी मुकेश की दया याचिका
बता दें कि पटियाला कोर्ट की ओर से चारों दोषियों को 22 जनवरी को फांसी पर लटकाने के लिए डैथ वारंट जारी किया था।
इसके बाद मुकेश ने अपने बचाव के लिए पहले सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की थी। उसके खारिज होने के बाद उसने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लगाई थी, लेकिन राष्ट्रपति ने उसे खारिज कर दिया था। बाद में नया डैथ वारंट जारी किया गया था।
लाइफ-लाइन
अब अक्षय और पवन के पास बची है लाइफ-लाइन
राष्ट्रपति की ओर से दोषी मुकेश और विनय की दया याचिका का खारिज करने के बाद अब दोनों की सभी लाइफ-लाइन खत्म हो चुकी है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने अक्षय की ओर से लगाई गई क्यूरेटिव पिटीशन को शुक्रवार को खारिज कर दिया था और अब उसने दया याचिका भी लगा दी है।
यदि यह खारिज हो जाती है तो उसके भी सारे रास्ते बंद हो जाएंगे, जबकि पवन के पास क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका का रास्ता रहेगा।
मामला
हैवानियत वाले अपराध के लिए चार अपराधियों को मिली है फांसी
16 दिसंबर, 2012 को छह अपराधियों ने निर्भया के साथ एक निजी बस में गैंगरेप कर हैवानियत की थी। इसके बाद निर्भया ने सिंगापुर में दम तोड़ दिया था।
देशभर में इसको लेकर विरोध हुआ था। मामले में एक नाबालिग सजा काटकर बाहर आ चुका है और एक ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। शेष चार अपराधी अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को अदालत ने फांसी की सजा का ऐलान करते हुए डैथ वारंट जारी किया था।
जानकारी
कानून का फायदा उठा रहे हैं अपराधी
संविधान में फांसी के संबंध में दिए गए कानून का चारों अपराधी फायदा उठा रहे हैं जिससे दो बार इनकी फांसी टल चुकी है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम आदेश तक फांसी पर रोक लगा दी थी।