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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- सिंधु जल संधि का निलंबन निर्णायक कदम
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू ने देश को किया संबोधित

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- सिंधु जल संधि का निलंबन निर्णायक कदम

Aug 14, 2026
08:11 pm

क्या है खबर?

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश को संबोधित किया। राष्ट्रपति के रूप में देश के नाम यह उनका 5वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन था, जिसे उन्होंने 'वंदे मातरम' और राष्ट्रगान के साथ शुरू किया। इस दौरान उन्होंने सभी देशवासियों को स्वाधीनता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में, खासकर किसानों के लिए, एक निर्णायक कदम है।

शुरुआत

हमारा तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक- मुर्मू

राष्ट्रपति मुर्मू ने संबोधन की शुरुआत में कहा, "हमारे स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर मैं आप सभी को हार्दिक बधाई देती हूं। कुछ ही घंटों में हमारे देश अपनी आजादी के 80वें वर्ष की शुभ शुरुआत का साक्षी बनेगा। हमारा तिरंगा हमारी आजादी का प्रतीक है। हम इसे बहुत गर्व के साथ फहराते हैं।"

उन्होंने कहा, "आजादी का असली मतलब यह पक्का करना है कि सभी नागरिक अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मौकों का फायदा उठा सकें।"

लोकतंत्र

राष्ट्रपति ने भारत को बताया लोकतंत्र की जननी

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत को 'लोकतंत्र की जननी' बताते हुए कहा, "स्वतंत्रता के तुरंत बाद देश ने सभी वयस्कों को मतदान का अधिकार देकर इतिहास रचा था। चुनौतियों के बावजूद भारतीय नागरिकों ने अपने प्राचीन लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को हमेशा सर्वोपरि रखा है।"

इस दौरान उन्होंने उन सभी महान पीढ़ियों और अमर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन की बेड़ियों को तोड़ने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया और आखिरकार देश को आजादी दिलाई।

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चेतावनी

आतंकवादियों और उनके मददगारों को चेतावनी

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "आतंकवादी और उनका समर्थन करने वाले चाहे कहीं भी छिप जाएं, उन्हें इसके परिणाम भुगतने होंगे। 'ऑपरेशन सिंदूर' ने आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ सटीक हमले करने की भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता का प्रदर्शन किया।"

इसी तरह उन्होंने भारत के सिंधु जल संधि पर उठाए कदम को लेकर कहा, "आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में, विशेष रूप से किसानों के लिए एक निर्णायक कदम था।"

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उपलब्धि

राष्ट्रपति ने नक्सल-मुक्त अभियान को बताया बड़ी उपलब्धि

राष्ट्रपति मुर्मू ने भारत के नक्सल मुक्त अभियान को एक बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि बताया।

उन्होंने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र का विशेष उदाहरण देते हुए कहा कि जो क्षेत्र कभी उग्रवाद से प्रभावित था, वहां अब तीव्र गति से विकास हो रहा है और स्थानीय जनता की सांस्कृतिक भागीदारी बढ़ रही है।

उन्होंने समावेशी विकास का विवरण देते हुए बताया कि पिछले एक दशक में देश के 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है।

अर्थव्यवस्था

अर्थव्यवस्था पर क्या बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू?

उन्होंने देश की आर्थिक प्रगति पर संतोष जताते हुए कहा कि दुनिया भर में जारी युद्ध, अस्थिरता और अनिश्चितता के माहौल के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था के औसत वैश्विक विकास दर की तुलना में दोगुनी से भी अधिक तेजी से बढ़ने का अनुमान है।

उन्होंने आगे कहा, "न्यायपालिका और कानूनी प्रणाली से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति का यह परम कर्तव्य है कि देश का कोई भी नागरिक वित्तीय संसाधनों या धन की कमी के कारण न्याय पाने से वंचित न रहने पाए।"

खाद्य सुरक्षा

राष्ट्रपति ने खाद्य सुरक्षा पर भी दिया अहम बयान

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, "80 करोड़ लोगों के लिए निशुल्क राशन की व्यवस्था द्वारा उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। आज देश में यह चेतना बढ़ रही है कि सांस्कृतिक गौरव का भाव देश की संप्रभुता को आत्मिक शक्ति प्रदान करता है।"

उन्होंने कहा, "हमारे देश में विश्व का सबसे बड़ा और सबसे अच्छा डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हुआ है। विश्व में आधे से अधिक रियल टाइम डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत में हो रहे हैं। यह बड़ी उपलब्धि है।"

ट्विटर पोस्ट

यहां सुने पूरा संबोधन

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