राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नव वर्ष की शुभकामनाएं दी
क्या है खबर?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों को नव वर्ष की बधाई दी और खुशहाली की कामना की। राष्ट्रपति मुर्मू ने एक्स पर संदेश में लिखा कि नव वर्ष नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलावों का प्रतीक है। यह आत्मचिंतन और नए संकल्पों का अवसर भी है। उन्होंने सभी के जीवन में शांति, सुख और समृद्धि की कामना करते हुए सशक्त और उज्ज्वल भारत के निर्माण के संकल्प को नव ऊर्जा प्रदान करने की प्रार्थना की।
संदेश
नए साल पर प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी एक्स पर एक श्लोक साझा कर लिखा, '2026 की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। कामना करते हैं कि यह वर्ष हर किसी के लिए नई आशाएं, नए संकल्प और एक नया आत्मविश्वास लेकर आए। सभी को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।' मोदी द्वारा साझा संस्कृत के श्लोक में बताया गया है कि ज्ञान, वैराग्य, धन, वीरता, वैभव, शक्ति, स्मृति और स्वतंत्रता कौशल, दीप्ति, धैर्य और कोमलता से युक्त होना ही जीवन का लक्ष्य होना चाहिए।
ट्विटर पोस्ट
राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश
नव वर्ष के उल्लासपूर्ण अवसर पर, मैं देश और विदेश में बसे सभी भारतीयों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देती हूं। pic.twitter.com/GEj29ZxOxd
— President of India (@rashtrapatibhvn) January 1, 2026
ट्विटर पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
2026 की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। कामना करते हैं कि यह वर्ष हर किसी के लिए नई आशाएं, नए संकल्प और एक नया आत्मविश्वास लेकर आए। सभी को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।
— Narendra Modi (@narendramodi) January 1, 2026
ज्ञानं विरक्तिरैश्वर्यं शौर्यं तेजो बलं स्मृतिः।
स्वातन्त्र्यं कौशलं कान्तिर्धैर्यं मार्दवमेव च ॥ pic.twitter.com/vMhlHe3fGR
नव वर्ष
देशभर में धूमधाम से नव वर्ष का स्वागत
पूरे देश में नव वर्ष का स्वागत धूमधाम से किया गया। दिल्ली, मुंबई, अमृतसर, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों में आतिशबाजी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, लाइव संगीत प्रस्तुतियां और थीम आधारित सजावट के साथ स्वागत हुआ। मुंबई का मरीन ड्राइव लोगों से खचाखच भरा था, वहीं दिल्ली के कनॉट प्लेस में कड़ाके की ठंड के बावजूद भारी भीड़ उमड़ी। तापमान गिरकर 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जिससे यह 2020 के बाद राजधानी में नव वर्ष की सबसे ठंडी पूर्व संध्या बनी।