
निर्भया के दोषियों के लिए तैयार हुआ फांसी का तख्त, डमी के साथ किया गया ट्रायल
क्या है खबर?
निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के दोषियों की फांसी पर जल्द फैसला होने की संभावना है। इसे देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने शुरू कर दिया है।
हाल ही में जेल प्रशासन ने चारों दोषियों में से अधिकतम वजन वाले कैदी के वजन की एक डमी को फांसी पर लटकाकर पर देखा ।
लगभग 100 किलो बालू रेत भरी डमी को एक घंटे तक फांसी के तख्ते पर लटकाए रखा गया।
ट्रायल
डमी से ट्रायल क्यों?
डमी को फांसी देने के पीछे की वजह यह देखना है कि दोषियों को फांसी देते वक्त फंदा टूटेगा तो नहीं। इसलिए अधिकतम वजन वाले कैदी के वजन की डमी को तख्त पर लटकाया गया।
दरअसल, 2013 में संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी देने से पहले ट्रायल के दौरान रस्सी टूट गई थी।
ऐसे में जेल प्रशासन नहीं चाहता कि फांसी के दौरान ऐसी कोई घटना हो।
फांसी का फंदा
बक्सर जेल में तैयार हो रहे फंदे
निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए फंदे बिहार के बक्सर जेल में तैयार किए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह बक्सर जेल प्रशासन को 10 फंदे तैयार करने का आदेश मिला था।
गौरतलब है कि बक्सर जेल में 1930 से फंदे तैयार किए जा रहे हैं। अफजल गुरू को फांसी देने के लिए भी बक्सर जेल में बना फंदा इस्तेमाल किया गया था।
उस फंदे को तैयार करने वाले कई कैदी ही नए फंदे बना रहे हैं।
तिहाड़ जेल
तिहाड़ की जेल नंबर तीन में है फांसी का तख्त
तिहाड़ की जेल नंबर तीन में फांसी का तख्त है। प्रशासन ने यहां पर उग रहे घास-फूस को साफ करवा दिया है।
वहीं मंडोली जेल में बंद निर्भया के दोषी पवन को तिहाड़ की दो नंबर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। इसी जेल में चार दोषियों में से बाकी दो अक्षय और मुकेश भी बंद हैं, जबकि विनय शर्मा जेल नंबर चार में कैद है।
शर्मा ने ही राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है।
जल्लाद
जल्लाद की तलाश में जेल प्रशासन
तिहाड़ जेल में फांसी देने के लिए फिलहाल कोई जल्लाद नहीं है। हालांकि, जेल प्रशासन को इन्हें फांसी देने के लिए अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है, लेकिन अधिकारियों ने जल्लाद की तलाश शुरू कर दी है।
इसके लिए उत्तर प्रदेश के जेल विभाग से बातचीत चल रही है। इसी बीच तमिलनाडु पुलिस के एक हेड कॉन्स्टेबल ने जल्लाद बनने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि वो देशहित के लिए यह काम करने को तैयार हैं।