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पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी: प्रधानमंत्री मोदी बोले- आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले की बरसी पर संदेश दिया

पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी: प्रधानमंत्री मोदी बोले- आतंकवाद के सामने कभी नहीं झुकेगा भारत

लेखन गजेंद्र
Apr 22, 2026
09:20 am

क्या है खबर?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकवादी हमले का बुधवार को एक साल हो गया है। पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश साझा किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने आगे लिखा कि भारत किसी भी रूप में कभी भी आतंकवाद के सामने नहीं झुकेगा और आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे।

संदेश

आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कामयाब नहीं होंगे- मोदी

मोदी ने लिखा, 'पिछले साल आज के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को हम याद कर रहे हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी संवेदनाएं उन शोक-संतप्त परिवारों के साथ हैं, जो इस अपार क्षति का सामना कर रहे हैं। एक राष्ट्र के रूप में, हम दुख-संकल्प की घड़ी में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।'

संदेश

भारतीय सेना ने भी याद किया दिन

भारतीय सेना ने भी पहलगाम हमले के बाद अंजाम दिए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' को याद किया और एक्स पर लिखा, 'भारत के खिलाफ किए गए कृत्यों का जवाब मिलना तय है। न्याय जरूर मिलेगा। हमेशा।' सेना ने एक चित्र साझा कर लिखा, 'ऑपेरशन सिंदूर अभी जारी है।' सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' का भी जिक्र किया है, जिसमें पहलगाम हत्याकांड में शामिल 3 हमलावरों का पता लगाकर उन्हें मार गिराया गया था।

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घटना

मारे गए थे 26 पुरुष पर्यटक

पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में घूमने पहुंचे पर्यटकों को निशाना बनाया और 26 पुरुष पर्यटकों का धर्म पूछकर गोली मार दी। इसके बाद देश में आक्रोश फैल गया। भारतीय सेना ने 7 मई को हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया। इस दौरान करीब 100 आतंकी मारे गए। इससे भारत-पाकिस्तान में युद्ध छिड़ गया। इस्लामाबाद ने 10 मई को युद्धविराम का अनुरोध किया।

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निगरानी

कड़ी सुरक्षा और निगरानी

पहलगाम की पहली बरसी पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इलाके में अतिरिक्त बलों की तैनाती की है। बैसरन घाटी में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए पहलगाम में एक स्मारक बनाया गया है। काले संगमरमर से निर्मित इस स्मारक पर सभी 26 पीड़ितों, 25 पर्यटकों और स्थानीय टट्टू चालक आदिल शाह का नाम है, जो लिद्दर नदी के किनारे स्थित है। यहां श्रद्धांजलि देने के लिए पीड़ित परिवार और नेता आ सकते हैं।

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