प्रधानमंत्री मोदी ने जेवर में नोएडा हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया, जानिए खासियत
क्या है खबर?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में पांचवें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले सुबह 11:30 बजे गौतम बुद्ध नगर स्थित नोएडा हवाई अड्डे पहुंचकर टर्मिनल का निरीक्षण किया और उसके बाद इसे आम नागरिकों के लिए खोल दिया गया। मोदी ने पहले चरण का उद्घाटन किया है, जिसकी लागत 11,282 करोड़ रुपये है। पूरे एयरपोर्ट की लागत 29,560 करोड़ रुपये है।
उद्घाटन
कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने हवाई अड्डे के साथ एक कार्गो टर्मिनल का भी उद्घाटन किया है, एक मल्टी-मोडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, इससे कार्गो सुविधा को प्रति वर्ष 2.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक कार्गो संभालने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इससे आगे जाकर 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकता है, और इसमें 40 एकड़ का एक समर्पित रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (MRO) सुविधा क्षेत्र भी शामिल है।
खासियत
कितना खास है नोएडा हवाई अड्डा?
यमुना एक्सप्रेसवे पर बने हवाई अड्डे को सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन प्रणालियों के साथ जोड़ा गया है, जो यात्रियों और माल ढुलाई के लिए उपयोगी है। अभी हवाई अड्डा प्रतिवर्ष 1.20 करोड़ यात्रियों को संभालेगा, बाद में इसे 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकेगा। यहां 3,900 मीटर लंबी हवाईपट्टी बड़े आकार के विमानों को संभालने में सक्षम है। आधुनिक नेविगेशन सिस्टम में शामिल इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और उन्नत एयरफील्ड लाइटिंग हर मौसम में 24 घंटे चलेगा।
सुविधा
100 प्रतिशत डिजी ऐप यात्रा
यह भारत का पहला हवाई अड्डा है, जहां प्रवेश से लेकर विमान में बैठने पर पूरी प्रक्रिया कागजरहित होगी। यात्रियों को 'डिजी यात्रा' ऐप डाउनलोड करना होगा, ताकि बिना पहचानपत्र दिखाए प्रवेश मिलेगा। सुरक्षा जांच और बोर्डिंग द्वार पर ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक सिस्टम लगा होगा, जिससे लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा। यात्री अपने स्मार्टफोन ऐप से अपने बैग का स्थान देख सकेंगे, जिससे उसके खोने और देरी की चिंता समाप्त होगी। हवाई अड्डे पर AI कियोस्क आपके सवालों का जवाब देंगे।
सुविधा
स्मार्ट पार्किंग, EV चार्जिंग, सौर बिजली और आर्टिफिशियल हरित क्षेत्र
हवाई अड्डा पहुंचने से पहले यात्री घर से ऐप के जरिए अपना पार्किंग बुक कर सकते है, जिसका भुगतान फास्ट टैग से हो जाएगा। वाहनों के चार्जिंग की भी सुविधा होगी। हवाई अड्डे का रनवे और टैक्सी-वे ऐसा बनाया गया है, जिससे विमान लैंडिंग के बाद कम समय में दूसरी उड़ान के लिए तैयार हो जाएगा। देश का पहला हवाई अड्डा होगा, जो अपनी जरूरत की बिजली सौर ऊर्जा से बनाएगा। टर्मिनल के अंदर आर्टिफिशियल जंगल बनाया गया है।
खूबसूरती
देखने में खूबसूरत है हवाई अड्डा
यहां टर्मिनल के ठीक मल्टी-मॉडल सेंटर बना है, जहां से यात्रियों को मेट्रो, हाई-स्पीड रेल (RRTS), बसें और टैक्सी एक ही जगह पर मिल जाएगी। हवाई अड्डे का डिजाइन स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख हवाई अड्डे की तकनीक पर आधारित है। इसका काम स्विट्जरलैंड की कंपनी देख रही है। साथ ही, भारत वास्तुकला की झलक भी हवाई अड्डे पर दिखती है। सिंगापुर के विश्व प्रसिद्ध चांगी हवाई अड्डे की तरह लुक देने के लिए आर्टिफिशियल झरने से सुंदरता बढ़ाई गई है।
संपर्क
इसकी कनेक्टिविटी से सबसे ज्यादा लोग होंगे लाभांवित
नोएडा हवाई अड्डा आगरा को दिल्ली से जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के पास पड़ता है और इससे एयरपोर्ट की उपयोगिता बढ़ेगी। ये खुर्जा-जेवर राष्ट्रीय राजमार्ग 91, बल्लभगढ़ के जरिए दिल्ली-मुंबई से भी जुड़ेगा। इसके जरिए दिल्ली से एयरपोर्ट तक की दूरी मात्र 21 मिनट में पूरी की जा सकेगी। यह दिल्ली और नोएडा के अलावा आगरा, मथुरा, अलीगढ़, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे कई जिलों के लोगों के देश-विदेश की यात्रा के लिए फायदेमंद साबित होगा।
हवाई अड्डे
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक हवाई अड्डे
उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक हवाई अड्डो वाला प्रदेश बन गया है। यहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ अब कुल 21 हवाई अड्डे हैं। हालांकि, इनमें कई निर्माणाधीन और कई वायुसेना के अधिकार क्षेत्र वाले हैं। लखनऊ के अलावा वाराणसी, कुशीनगर, अयोध्या और नोएडा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। कानपुर, आगरा, प्रयागराज, बरेली, हिंडन (गाजियाबाद) में भी वायुसेना के अधिकार क्षेत्र वाला नागरिक हवाई अड्डा है। कुछ पर अभी काम चल रहा है।