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BRICS बिजनेस फोरम में बोले प्रधामंत्री मोदी- वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना उम्मीद की किरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया है

BRICS बिजनेस फोरम में बोले प्रधामंत्री मोदी- वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना उम्मीद की किरण

Sep 11, 2026
08:00 pm

क्या है खबर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से पहले शुक्रवार को आयोजित BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित किया। इसमें दोनों नेताओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और व्यापार पर अपनी-अपनी बात रखी। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत को स्थिरता का केंद्र बताया, वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने मंच से पश्चिमी देशों की नीतियों पर कड़ा प्रहार बोलते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया।

बयान

वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत बना उम्मीद की किरण- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "जब पूरी दुनिया अस्थिरता और अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, तब भी भारत लगातार विकास कर रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आज भारत विकास और स्थिरता के लिए विश्वास का एक मजबूत स्रोत पेश करता है।"

उन्होंने भारत के वैश्विक विनिर्माण और नवाचार दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए 'भारत में बनाएं, भारत के साथ नवाचार करें, दुनिया के लिए पैमाना तय करें' का नया मंत्र भी दिया।

संदेश

सुरक्षित समुद्री मार्ग और नाविकों की सुरक्षा पर बड़ा संदेश

हाल के समय में वैश्विक व्यापारिक मार्गों में बढ़े तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने 'नौवहन की स्वतंत्रता' पर कड़ा रुख अपनाया।

उन्होंने कहा, "वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और हमारे नाविक सुरक्षित हों। यही कारण है कि भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का एक दृढ़ समर्थक है।आज, जब दुनिया भर में व्यापारिक बाधाएं बढ़ रही हैं, भारत आर्थिक पुलों का निर्माण कर रहा है।"

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BRICS

"20 वर्षों में 21 देशों का विशाल परिवार बना BRICS"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "BRICS इस वर्ष अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है और अब इसके व्यापक परिवार में 21 देश शामिल हो चुके हैं। यह दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। वैश्विक GDP में इसकी 40 प्रतिशत और व्यापार में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी है।"

उन्होंने कहा, "आइए हम BRICS की महत्वाकांक्षा को कार्रवाई में बदलें और अपनी सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलें। BRICS आगे बढ़े और दुनिया को भी आगे ले जाए।"

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हमला

राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों पर बोला तीखा हमला

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पश्चिमी देशों और उनके द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों पर हमला बोलते हुए कहा, "पश्चिमी देश प्रतिबंधों और अवैध वित्तीय बाधाओं का इस्तेमाल करके वैश्विक अर्थव्यवस्था को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे यह भूल रहे हैं कि ऐसे कदमों से वे खुद अपनी साख खो रहे हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "BRICS का बढ़ता दायरा इस बात का सबूत है कि दुनिया अब किसी एकतरफा दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।"

निशाना

G-7 देशों पर भी साधा निशाना

पुतिन ने G-7 देशों पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले 5 वर्षों में वैश्विक GDP का 40 प्रतिशत BRICS देशों का है, जबकि तथाकथित G-7 का योगदान केवल 29 प्रतिशत रहा है। मुझे समझ नहीं आता कि वे खुद को 'ग्रुप ऑफ सेवन' क्यों कहते हैं। अगर हम इसी अवधि में वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर को देखें, तो दुनिया का आधे से ज्यादा विकास BRICS देशों के कारण हुआ है, जबकि G-7 का योगदान इसमें 18 प्रतिशत ही है।"

संबंध

भारत-रूस के संबंधों पर क्या बोले पुतिन?

भारत-रूस संबंधों और BRICS के भविष्य पर पुतिन ने कहा, "रूस और भारत के संबंध समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत हैं। BRICS कोई पश्चिम-विरोधी गुट नहीं है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक अनिवार्य और स्वतंत्र केंद्र बन चुका है। हम एक न्यायसंगत बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं।"

उन्होंने भारत के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी और 100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य की प्रतिबद्धता को भी दोहराया।

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