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क्या अमेरिका के साथ बेहतर डील के लिए व्यापार समझौते में देरी कर रहा भारत?
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर बयान दिया

क्या अमेरिका के साथ बेहतर डील के लिए व्यापार समझौते में देरी कर रहा भारत?

लेखन गजेंद्र
Jul 13, 2026
05:08 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और भारत के बीच कई दौर की वार्ता होने के बाद भी अभी तक व्यापार समझौते पर कोई फैसला सामने नहीं आया है, जिसको लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं। रॉयटर्स ने दावा किया है कि भारत ने हाल में हुई वार्ता में अमेरिका के साथ त्वरित व्यापार समझौते को अस्वीकार कर दिया है और एक बेहतर सौदे की प्रतीक्षा कर रहा है। हालांकि, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खबर को झूठी और बेबुनियाद बताया है।

खबर

व्यापार समझौते को लेकर क्या हो रहा है दावा?

वार्ता से अवगत एक भारतीय अधिकारी ने बताया कि अमेरिका-भारत के बीच कोई सहमति नहीं बनी, क्योंकि वाशिंगटन ने नई दिल्ली की प्रमुख मांगों पर कोई आश्वासन नहीं दिया।

इसमें चीन जैसे प्रतिस्पर्धियों पर टैरिफ में लाभ और समझौते के बाद कोई नया अमेरिकी शुल्क न लगना शामिल है।

अधिकारी का कहना है कि वह ऐसे समझौते में जल्दबाजी का इरादा नहीं रखते जो अनुकूल शर्तों पर आधारित न हो या कृषि क्षेत्र में समझौता का इरादा न रखते हों।

शर्त

अमेरिका लगाना चाहता है और टैरिफ

रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भारतीय निर्यात पर अमेरिका 10 प्रतिशत टैरिफ लगाता है, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस महीने नए टैरिफ की तैयारी कर रहे हैं।

वाशिंगटन ने जबरन श्रम से बने सामानों के व्यापार पर अंकुश लगाने में विफल रहने के आरोपों के चलते भारत सहित दर्जनों देशों पर 12.5 प्रतिशत तक नए टैरिफ का प्रस्ताव दिया है।

अमेरिका का मानना ​​है कि भारत को व्यापार प्रावधानों पर तरजीही व्यवहार हासिल करने के लिए कुछ रियायतें देनी होंगी।

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खंडन

वाणिज्य मंत्री ने क्या कहा?

गोयल ने एक्स पर रॉयटर्स की खबर को झूठी-बेबुनियाद और गुमराह करने वाली बताते हुए लिखा, 'जब अमेरिकी प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर जून में दिल्ली आए थे, तो मेरी अच्छी बैठकें हुई थीं। दोनों पक्षों ने ऐसे समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जो संतुलित हो, व्यापार के नजरिए से अहम हो और जिससे दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, कामगारों और उपभोक्ताओं को ठोस फायदा मिले। हमारी टीमें इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी तरह से जुटी हुई हैं।'

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