Loading...
संसदीय समिति का सुझाव, अस्पताल के कमरों का शुल्क 3-सितारा होटल के कमरों से कम हो
संसदीय समिति का सुझाव, अस्पताल के कमरों का शुल्क 3-सितारा होटल के कमरों से कम हो

संसदीय समिति का सुझाव, अस्पताल के कमरों का शुल्क 3-सितारा होटल के कमरों से कम हो

लेखन गजेंद्र
Aug 11, 2026
05:38 pm

क्या है खबर?

दिल्ली और मुंबई समेत तमाम बड़े शहरों में निजी अस्पतालों के कमरों के लंबे-चौड़े शुल्क दर को देखते संसदीय समिति ने एक अहम सुझाव दिया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से संबंधित संसदीय समिति ने सिफारिश की है कि बड़े महानगरों में स्थित निजी अस्पतालों के कमरों का किराया आसपास के क्षेत्र में स्थित 3 सितारा होटलों के औसत किराए के बराबर रखा जाए। यह सिफारिश स्वास्थ्य सेवा की वहनीयता और सुलभता पर समिति की रिपोर्ट का हिस्सा है।

समिति

रिपोर्ट में क्या है?

राज्यसभा में प्रस्तुत और लोकसभा में विचाराधीन समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि अस्पताल के कमरों के शुल्क विभिन्न स्थानों पर और कई जगह एक ही क्षेत्र के अस्पतालों में भी काफी अलग-अलग होते हैं।

समिति ने अस्पताल के बिलिंग ढांचे के विश्लेषण के बाद कहा कि कमरों के शुल्क को तर्कसंगत बनाना तत्काल आवश्यक है।

उसने कहा कि किसी अस्पताल के कमरों का शुल्क 3 सितारा होटलों में प्रचलित औसत कमरे के शुल्क से अधिक नहीं होना चाहिए।

अंतर

समिति ने ये भी की सिफारिश

समिति ने कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों, नर्सिंग, उपभोग्य सामग्रियों, भोजन-कपड़े से संबंधित खर्चों को कुल लागत गणना के समय मूल कमरे के किराए में जोड़ सकते हैं।

साथ ही, महानगरों में निजी अस्पतालों के लिए 3 सितारा होटल के टैरिफ मानक को अनिवार्य बनाना और चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए निश्चित और एकीकृत पैकेज दरों की भी सिफारिश है।

समिति ने सरकारी अस्पतालों की क्षमता, विशेषज्ञ बढ़ाने और बीमा कवरेज समझने के लिए वित्तीय सलाहकारों की नियुक्ति का सुझाव दिया है।

ADVERTISEMENT

अंतर

अस्पतालों और होटलों में दिखा अंतर

रिपोर्ट में बताया कि मुंबई के नानावती मैक्स अस्पताल में एक निजी कमरा 6,000-12,000 रुपये प्रतिदिन, जबकि उसी क्षेत्र के 3-सितारा होटलों में प्रतिरात किराया 2,500-4,500 रुपये है।

दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में निजी कमरा 7,000-11,500 प्रतिदिन है, जबकि पास के 3 सितारा होटलों में किराया 2,100-3,500 रुपये है।

समिति ने जनवरी-दिसंबर 2025 के राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के आंकड़ों से बताया कि सरकारी अस्पताल में भर्ती खर्च 6,631 रुपये, जबकि निजी अस्पतालों में 50,508 रुपये थी।

ADVERTISEMENT