
जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश में पाकिस्तान, लॉन्च पैड्स पर लौटे आतंकवादी
क्या है खबर?
पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों ने भारत में घुसपैठ के प्रयास बढ़ा दिए हैं।
अफगानिस्तान के घटनाक्रमों के बीच इन संगठनों ने अपने आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने की कोशिशें तेज कर दी हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा के पास स्थित आतंकी लॉन्च पैड सक्रिय हो गए हैं और यहां फिर से आतंकी देखे गए हैं। पिछले कुछ दिनों में घुसपैठ के प्रयास भी बढ़े हैं।
जानकारी
लॉन्च पैड्स पर फिर पहुंचे आतंकी
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान अब अफगानिस्तान में तालिबान की जीत के मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।
TOI ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस साल फरवरी में हुए सीजफायर समझौते के बाद कुछ महीनों तक शांति रही थी, लेकिन अब घुसपैठ के मामले बढ़ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही सीमा पार लॉन्च पैड पर आतंकी देखे गए थे, जो भारत में घुसपैठ के लिए तैयार हो रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर
आतंकियों के 5-6 समूहों ने घुसपैठ की- रिपोर्ट
सूत्रों ने बताया कि अफगानिस्तान के घटनाक्रमों के बाद घाटी में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसने आतंकी संगठनों में जोश भरने का काम किया है। जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठन एक बार फिर अब पुराने कदमों पर चल पड़े हैं।
वहीं NDTV ने खुफिया एजेंसियों के हवाले से बताया है कि आतंकियों के 5-6 समूह कश्मीर घाटी में घुस चुके हैं और कई महत्वपूर्ण टारगेट उनके निशाने पर हैं।
जम्मू-कश्मीर
बीते एक महीने में बढ़ी है हिंसा
बीते कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर में हिंसा की घटनाओं में भी इजाफा देखा जा रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बताया कि पिछले एक महीने से रोजाना सुरक्षाबलों या राजनेताओं पर हमले की घटनाएं हो रही हैं। लॉन्च पैड्स पर भी आतंकी गतिविधियां देखी जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सीजफायर के बाद खाली हुए कैंपों में आतंकी लौट आए हैं। अलग-अलग एजेंसियों का अनुमान है कि इन लॉन्च पैड्स पर करीब 300 आतंकी मौजूद हैं।
चिंता
आतंकी संगठनों के साथ युवाओं का जुड़ना जारी
इन सबके अलावा स्थानीय युवाओं की आतंकी संगठनों में भर्ती भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। पिछले सालों की तुलना में इस साल कुछ कमी देखी गई है, लेकिन अभी तक करीब 87 युवक आतंकवादी संगठनों के साथ जुड़ चुके हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि पिछले महीनों में करीब 60 युवा गायब हुए हैं। ये किसी से मिलने या काम पर जाने का कहकर घर से गए थे और वापस नहीं लौटे हैं।