ओमान मिसाइल हमला: कैप्टन आशीष की पत्नी की सुप्रीम कोर्ट में गहार, कहा- वह जिंदा हैं
क्या है खबर?
ओमान की खाड़ी में एक तेल टैंकर पर हुए ड्रोन हमले में मृत मान लिए गए व्यापारिक जहाज के कैप्टन आशीष कुमार (35) की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर चौंकाने वाला दावा किया है। बिहार के बेतिया निवासी कैप्टन आशीष की पत्नी अंशु ने दावा किया है कि उनके पति की मौत नहीं हुई है, बल्कि वे जीवित हैं और किसी विदेशी ताकत या अज्ञात गिरोह ने उन्हें अवैध रूप से बंधक बना रखा हैं।
याचिका
कैप्टन आशीष की पत्नी ने याचिका में क्या-क्या कहा?
अंशु ने याचिका में दावा किया है कि उनके पति कैप्टन आशीष की मौत नहीं हुई और वह जीवित हैं। विदेशी ताकतों या अज्ञात गिरोह ने उन्हें अवैध रूप से बंदी बना रखा है।
उन्होंने यह भी दावा किया है कि उन्हें पिछले दिनों एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से फोन आया था, जिसमें उनकी रिहाई के लिए फिरौती के रूप में 20 लाख रुपये देने की मांग की गई है।
अंशु के इस दावे ने सभी को चौंका दिया है।
जानकारी
हमले के 3 घंटे बाद भी मोबाइल फोन चालू होने का दावा
अंशु ने याचिका में बताया कि जहाज पर हमला होने के करीब 3 घंटे बाद भी उनके द्वारा भेजा गया व्हाट्सऐप मैसेज कैप्टन अशीष के दूसरे मोबाइल फोन पर सफलतापूर्वक डिलीवर हुआ था, जिसका मतलब है कि फोन चालू हालत में था।
मांग
अंशु ने याचिका में क्या की है मांग?
अंशु ने बताया कि हमले के बाद ओमान कोस्ट गार्ड को कैप्टन के केबिन से जली हुई खोपड़ी और हड्डियां मिली थीं, जिन्हें शुरुआत में कैप्टन आशीष का मान लिया गया था। हालांकि, बाद में उनके सगे भाई के सैंपल से DNA मिलान किया गया, तो रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
उन्होंने कोर्ट से विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के माध्यम से कैप्टन आशीर्ष का पता लगाने, उन्हें खोजने और पेश करने के निर्देश देने की मांग की है।
पृष्ठभूमि
कब हुआ था जहाज पर हमला?
गत 1 मार्च ओमान के खसाब बंदरगाह के पास तेल टैंकर 'स्काई लाइट' खड़ा था। उस पर मिसाइल से हमला हुआ और पूरे जहाज में भीषण आग लग गई थी।
जहाज पर सवार कुल 10 भारतीय नाविकों में से 8 को बचा लिया गया था, लेकिन कैप्टन आशीष और दलीप लापता हो गए थे।
उसके बाद ओमान कोस्ट गार्ड को आशीष के केबिन से जली हुई खोपड़ी और हड्डियां मिली थी। उसके बाद आशीष को मृत मान लिया गया था।