नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शुरू हुआ उड़ानों का संचालन, 170 किसान बने पहले यात्री
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार (15 जून) से कमर्शियल फ्लाइट सेवाएं शुरू हो गईं। एयरपोर्ट पर पहली उड़ान लखनऊ से पहुंची, जिसे इंडिगो ने संचालित किया। यह फ्लाइट सुबह 07:05 बजे लखनऊ से रवाना हुई और सुबह 08:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पहुंची। इसके साथ ही एयरपोर्ट ने नियमित यात्री सेवाओं की शुरुआत कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही यहां से बेंगलुरु समेत कई अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू की जाएंगी।
पहली उड़ान
पहली उड़ान में शामिल हुए 170 किसान
एयरपोर्ट की पहली उड़ान में जेवर क्षेत्र के 170 किसान और खेती से जुड़े लोग भी शामिल हुए, जिसमें 20 महिलाएं भी थीं। किसानों ने इस मौके को एयरपोर्ट परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताने का अवसर बताया। अधिकारियों का कहना है कि यह एयरपोर्ट क्षेत्र के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी का नया अध्याय साबित होगा, जिससे स्थानीय लोगों को भी लंबे समय में लाभ मिलने की उम्मीद है।
विस्तार
चार चरणों में होगा एयरपोर्ट का विस्तार
करीब 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस एयरपोर्ट को चार चरणों में तैयार किया जा रहा है। अनुमान है कि वर्ष 2031 तक इसकी सालाना यात्री क्षमता 3 करोड़, 2036 तक 5 करोड़ और 2040 तक 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी। अंतिम विस्तार योजना में पांच रनवे और 22.5 करोड़ यात्रियों की सालाना क्षमता का लक्ष्य रखा गया है। इससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।
कनेक्टिविटी
रोजगार और कनेक्टिविटी को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इंडिगो चरणबद्ध तरीके से इसे 16 से अधिक शहरों से जोड़ेगी। राज्य सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से आने वाले वर्षों में लगभग एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट को सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से जोड़कर एक बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।