
दिल्ली पुलिस के आदेश नहीं मानने पर तबलीगी जमात के लोगों से मिले थे NSA डोभाल
क्या है खबर?
पिछले महीने जब निजामुद्दीन स्थित मरकज में धार्मिक आयोजन करने वाले लोगों ने दिल्ली पुलिस की मस्जिद खाली करने की अपील नहीं मानी थी, तब गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) को बात करने के लिए भेजा था।
मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक, रात को 2 बजे अजित डोभाल ने तबलीगी जमात के लोगों से इस बारे में बात की थी।
अब मरकज कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बन चुका है ।
मरकज
पिछले महीने हुआ था आयोजन
पिछले महीने की 13-15 तारीख के बीच तबलीगी जमात ने निजामुद्दीन की बंगलेवाली मस्जिद में एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया था।
इसमें भारत के अलग-अलग राज्यों के अलावा मलेशिया, थाईलैंड और इंडोनेशिया आदि देशों के लोग भी शामिल हुए थे। दिल्ली सरकार के आदेशों के बावजूद लोगों ने मस्जिद को खाली नहीं किया।
इस समारोह में भाग लेने वालों में से कम से कम 10 लोग कोरोना वायरस के कारण जान गंवा चुके हैं और कई संक्रमित हैं।
घटनाक्रम
मस्जिद से निकाले गए 2,361 लोग
अभी तक इस मस्जिद से 2,361 लोगों को निकाला गया है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि इनमें से 617 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और बाकी को क्वारेंटाइन किया गया है।
हालांकि, मस्जिद को खाली करना इतना आसान नहीं था। मरकज के प्रमुख मौलाना साद ने दिल्ली पुलिस की अपील को खारिज कर दिया, जिसके बाद डोभाल को भेजा गया।
अब साद के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।
घटनाक्रम
28-29 मार्च की रात को पहुंचे डोभाल
NSA डोभाल 28 और 29 मार्च के बीच की रात को मस्जिद परिसर में पहुंचे और साद से बात की। उन्होंने साद को वहां जमा लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट और जगह को सैनिटाइज करने की जरूरत बताई।
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने 23 मार्च को आयोजकों को बुलाकर जगह खाली करने को कहा था।
इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें SHO लोगों को मस्जिद परिसर को खाली करने के लिए समझा रहे हैं।
ट्विटर पोस्ट
तबलीगी जमात के लोगों को समझाते हुए दिल्ली पुलिस के SHO
Delhi Police SHO giving strict warning to Tablighi Jamaat members to not congregate and remove any gathering. This gathering was criminal. Has jeopardized many lives. pic.twitter.com/lKav9CFKFB
— Raj Shekhar Jha (@rajshekharTOI) March 31, 2020
घटनाक्रम
शाह और डोभाल को थी जानकारी
इसी दौरान 27, 28 और 29 मार्च को तबलीगी जमात के 167 कार्यकर्ताओं को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले नौ इंडोनेशियाई नागरिकों के संक्रमित पाए जाने के बाद अमित शाह और डोभाल को स्थिति का पता चल गया था।
18 मार्च को तेलंगाना के करीमनगर में टेस्ट के दौरान इंडोनेशियाई नागरिक संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद सभी राज्यों को अलर्ट भेजा गया।
कार्रवाई
कार्यक्रम में भाग लेने वाले विदेशियों को निर्वासित करने के आदेश
अब प्रशासनिक अधिकारी उन सभी विदेशियों की तलाश, पहचान और टेस्ट कर रहे हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। साथ ही वीजा नियमों के उल्लंघन का मामला भी देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि ये सभी लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे।
केंद्र सरकार ने इन पर कार्रवाई करते हुए राज्यों को तबलीगी जमात के विदेशी सदस्यों को पहले विमान से निर्वासित करने का निर्देश दिया है।