बाल-यौन शोषण सामग्री मामले में मेटा को मानवाधिकार आयोग का नोटिस, पुलिस से जांच को कहा
क्या है खबर?
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM) से संबंधित मामले पर मेटा और 8 राज्यों के पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में इंस्टाग्राम पर CSEAM से जुड़ी 50 से अधिक शिकायत आ चुकी है। इसे देखते हुए उन्होंने DGP को FIR दर्ज करने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, मेटा को कानून का पालन करने को कहा है।
कार्रवाई
मेटा के खिलाफ भी हो सकती है FIR
कानूनगो ने एक्स पर बताया कि मामले पर पंजाब, दिल्ली, तेलंगाना, महाराष्ट्र, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, हरियाणा और बिहार के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों के लिए आपराधिक जांच की आवश्यकता है और यदि सामग्री कानून का उल्लंघन करती पाई जाती है तो मेटा के खिलाफ भी FIR दर्ज की जानी चाहिए।
आयोग ने मेटा को स्वयं में सुधार के लिए कहा है और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भी आगाह किया है।
जांच
जांच के लिए 50 URL उपलब्ध कराए
कानूनगो ने कहा कि 8 राज्यों के अधिकारियों से कथित उल्लंघनों की जांच करने और उचित कार्रवाई करने को कहा है। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव को भी कार्यवाही में पक्षकार बनाया गया है।
आयोग ने संबंधित अधिकारियों को जांच के लिए 50 URL उपलब्ध कराए हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि URL उपलब्ध कराए जाने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कार्रवाई न करने पर आयोग केंद्र सरकार से संपर्क करके अक्षम पुलिस कर्मियों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई को कहेगा।
ट्विटर पोस्ट
कानूनगो का पोस्ट
पिछले एक सप्ताह में इंस्टाग्राम पर CSEAM के 50 से अधिक मामलों की शिकायत आ चुकी हैं ।
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) August 7, 2026
प्राप्त जानकारी के आधार हमने पंजाब,दिल्ली,तेलंगाना ,महाराष्ट्र,ओडिशा,पश्चिम बंगाल,हरियाणा,बिहार के पुलिस प्रमुखों को नोटिस जारी कर FIR दर्ज करने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
हमने… https://t.co/xBCLUR1HEk
जांच
बाल आयोग ने भी लिया है संज्ञान
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) भी मेटा के स्वामित्व वाले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर CSEAM से संबंधित विज्ञापन दिखाए जाने की जांच कर रहा है।
आयोग ने यह कदम पिछले महीने BBC की एक रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए उठाया है, जिसमें दावा है कि मेटा ऐसी सामग्रियों को बढ़ावा दे रहा है।
NCPCR ने 3 जुलाई को मेटा से स्पष्टीकरण मांगा था। मेटा पिछले दिनों केंद्र के साथ हुई बैठक में इसके लिए माफी मांग चुका है।