NEET-UG पेपर लीक में खुलासा; लातूर कोचिंग संचालक ने खरीदा प्रश्न-पत्र, 136 में 111 सवाल मिले
क्या है खबर?
राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 के पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा खुलासा किया है। उसने विशेष कोर्ट को बताया कि महाराष्ट्र के लातूर स्थित कोचिंग संचालक शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से 136 हस्तलिखित प्रश्नों बरामद हुए हैं, जिसमें 111 प्रश्न राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) के मूल प्रश्नपत्र से मेल खाते हैं। CBI ने बताया कि मोटेगांवकर ने NTA के पेपर सेटर से रसायन के प्रश्नपत्र के लिए 5 लाख रुपये दिए थे।
जांच
शिवराज मोटेगांवकर कौन हैं?
मोटेगांवकर लातूर में रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) चलाते हैं। उनका 'मोटेगांवकर सर RCC' नामक यूट्यूब चैनल भी है, जिसके 1.6 लाख से अधिक सब्सक्राइबर हैं।
CBI के मुताबिक, मोटेगांवकर को 3 मई को होने वाली NEET-UG परीक्षा से पहले 23 अप्रैल को लीक प्रश्नपत्र मिले थे।
मोटेगांवकर पहले मामूली पार्ट-टाइम टीचर थे, जबकि आज 1,500 करोड़ रुपये के मालिक हैं।
उनकी कोचिंग से NEET-2025 में 19 छात्रों का AIIMS में चयन हुआ था, जो उनकी पुरानी सांठ-गांठ को बताता है।
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मोटेगांवकर को कहां से मिले प्रश्नपत्र?
CBI ने कोर्ट को बताया कि मोटेगांव को ये प्रश्नपत्र लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ मनोज शिरुरे और सेवानिवृत्त रसायन विज्ञान व्याख्याता और पूर्व NTA पैनल सदस्य पीवी कुलकर्णी के नेटवर्क से मिले थे, जिनके पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी।
प्रश्नपत्र 5 लाख रुपये में लीक हुए। मोटेगांवकर अभी गिरफ्तार हैं। उन्होंने जमानत याचिका दायर की थी, जिसके खिलाफ एजेंसी ने यह दावा पेश किया है।
लीक प्रश्नपत्र की प्रतियां टेलीग्राम से 10 लाख रुपये में बेची गईं थीं।
विवाद
NEET पेपर लीक मामले में अब तक 13 गिरफ्तार
NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसमें 23 लाख छात्र शामिल हुए। इसके बाद राजस्थान में 7 मई को पेपर लीक की सूचना पर 12 मई को परीक्षा रद्द कर जांच CBI को दे दी गई।
NEET की 21 जून को दोबारा परीक्षा से पहले 13 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या कर ली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर खूब विरोध-प्रदर्शन हुए।
CBI ने मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।