शराब का आरोप, पुलिस हिरासत में लकवा; मुंबई पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
मुंबई पुलिस 73 साल के शरद कदम की गिरफ्तारी के तरीके की जांच कर रही है। यह गिरफ्तारी वर्सोवा में एक कार एक्सीडेंट के बाद शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में हुई थी। लेकिन, शरद कदम के परिवार का कहना है कि हादसे से ठीक पहले उन्हें स्ट्रोक आया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस स्टेशन में करीब 5 घंटे तक रोकने की वजह से उन्हें समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिसके कारण उनके शरीर का एक हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया।
वरिष्ठ अधिकारी स्ट्रोक के गलत निदान की जांच कर रहे
एक वरिष्ठ अधिकारी इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि पुलिस ने इस मामले में ठीक से कार्रवाई की या नहीं। इसमें यह भी जांचा जा रहा है कि क्या पुलिस ने स्ट्रोक के लक्षणों को नशे की हालत समझ लिया और क्या उन्होंने ब्रेथलाइजर टेस्ट नहीं करवाया। इस मामले का पूरा सच कूपर हॉस्पिटल में हुए शरद कदम के ब्लड टेस्ट पर निर्भर करेगा। फिलहाल वह ICU में हैं। अगर उनके खून में शराब नहीं पाई जाती, तो पुलिस को उन पर केस दर्ज करने के अपने फैसले पर फिर से विचार करना पड़ सकता है।