
उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की मौत, पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के एक गांव में सोमवार को अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान झोपड़ी में आग लगने से मां और बेटी की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाई, जबकि पुलिस का कहना है कि मां और बेटी ने खुद को आग के हवाले किया था, जिससे उनकी मौत हो गई।
इस मामले में पुलिसकर्मियों समेत 13 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटनाक्रम
परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना रुरा क्षेत्र के मड़ौली गांव की है, जहां पुलिस प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए पहुंची थी।
शिवम दीक्षित ने कहा, "जब मेरी मां और बहन अंदर थी, तब उन्होंने आग लगा दी। हम बस भागने में सफल रहे। उन्होंने हमारे मंदिर को तोड़ दिया और किसी ने भी कुछ नहीं किया, जिलाधिकारी ने भी नहीं। कोई मेरी मां और बहन को नहीं बचा सका।"
पुलिस
पुलिस ने मामले पर क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, प्रमिला दीक्षित (45 वर्षीय) और उनकी बेटी नेहा (20 वर्षीय) ने खुद को आग लगा ली। इस दौरान पुलिस अधिकारी दिनेश गौतम और प्रमिला के पति गेंदन लाल भी उन्हें बचाने की कोशिश में झुलस गए।
पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति कहा, "हम मौके पर पहुंच गए हैं और सभी संबंधित अधिकारी भी मौके पर हैं। इस कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग जांच करेंगे। अगर कोई दोषी पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
तनाव
घटना के बाद से इलाके में तनाव
इस घटना के बाद से इलाके में पुलिस और ग्राणीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है और गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया। उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन के आलाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत करवाया।
ग्रामीणों की मांंग पर पुलिस ने उप जिलाधिकारी (मैथा) ज्ञानेश्वर प्रसाद, लेखपाल सिंह और अन्य 13 लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में अधिकारियों ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राजनीति
समाजवादी पार्टी के निशाने पर आई योगी सरकार
समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर किये गए एक ट्वीट में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है।
उसने लिखा, 'योगी जी, आपके जल्लाद और बेरहम तथा अमानवीय प्रशासन द्वारा की गई ये हत्या है। योगी सरकार में लगातार ब्राह्मण परिवार निशाना बनाए जा रहे, लगातार चुन चुन कर ब्राह्मणों के साथ घटनाएं घटित हो रहीं। दलित-पिछड़ों के साथ साथ ब्राह्मण भी भाजपा शासित योगी सरकार के अत्याचार का निशाना बन रहे।'