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इस साल मानसून में 13 प्रतिशत कम हुई बारिश, 2001 के बाद चौथी बार सबसे कम
इस साल मानसून में 13 प्रतिशत कम हुई बारिश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इस साल मानसून में 13 प्रतिशत कम हुई बारिश, 2001 के बाद चौथी बार सबसे कम

लेखन गजेंद्र
Sep 30, 2026
08:17 pm

क्या है खबर?

भारत में दक्षिण पश्चिम मानसून आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गया है, लेकिन इस बार इसने सबसे कमजोर मानसून के तौर पर खुद को साबित किया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, 2026 के मानसून में 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो वर्ष 2001 के बाद चौथी बार सबसे कम वर्षा वाला साल बना है। मौसम विभाग की मानें तो भारत के कुल क्षेत्रफल के 38 प्रतिशत हिस्से यानी 282 जिलों में कम वर्षा हुई है।

मानसून

सामान्य बारिश का लगभग 87 प्रतिशत वर्षा

IMD के मुताबिक, जून से सितंबर तक रहने वाले मानसून के दौरान देश को सामान्य मानसून वर्षा का लगभग 87 प्रतिशत प्राप्त हुआ, हालांकि वर्षा विभिन्न क्षेत्रों और महीनों में असमान रही।

जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में थोड़े सुधार के बाद, अगस्त-सितंबर के अधिकांश समय में वर्षा सामान्य से कम रही, और 9 सितंबर तक 36.3 प्रतिशथ की कमी दर्ज की गई।

हालांकि, 1971-2020 की अवधि पर आधारित इस मौसम का दीर्घकालिक औसत (LPA) 868.6 मिलीमीटर है।

मानसून

IMD ने पहले ही जता दी थी चेतावनी

बारिश शुरू होने से महीनों पहले ही मौसम विभाग ने कम बारिश की संभावना जताई थी, जिसमें अल नीनो एक प्रमुख चिंता का विषय बनकर उभरा था।

13 अप्रैल को जारी अपने पहले दीर्घकालिक पूर्वानुमान में IMD ने भविष्यवाणी की कि भारत को 2026 के दक्षिण-पश्चिमी मानसून के दौरान अपने LPA वर्षा का 92 प्रतिशत प्राप्त होगा।

हालांकि, मई के अंत तक, IMD ने अपना अनुमान घटाकर 90 प्रतिशत तक कर दिया था।

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