नाबालिग रेप पीड़िता ने बच्चे को जन्म दिया, सुप्रीम कोर्ट ने दी थी गर्भपात की अनुमति
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने जिस 15 वर्षीय गर्भवती रेप पीड़िता को गर्भपात की अनुमति दी थी, उसने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में एक बच्चे को जन्म दिया है। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि बच्चे का जन्म पिछले हफ्ते शनिवार को हुआ है। नवजात शिशु को AIIMS के नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में निगरानी में रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता और उसके माता-पिता के अनुरोध पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
अधिकार
पीड़िता और उसके माता-पिता ने बच्चे का अधिकार त्यागा
हिंदुस्तान टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले बताया कि पीड़ित मां और उसके माता-पिता ने बच्चे पर अपने अधिकार त्याग दिए हैं। अब केंद्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी के माध्यम से बच्चे को गोद लेने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि परिवार ने नवजात शिशु पर अपने अधिकार छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी, जिसके बाद प्रशासन ने औपचारिक रूप से उनके लिखित बयान को स्वीकार किया है।
मामला
क्या है मामला?
नाबालिग लड़की और एक अन्य नाबालिग के बीच संबंध बने थे, जिसके बाद बच्ची को गर्भ ठहर गया। मामला कोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने बलात्कार माना। नाबालिग लड़की की मां ने महीने के गर्भ को समाप्त करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति मांगी थी, जहां याचिका खारिज होने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीं। सुप्रीम कोर्ट ने गर्भावस्था की वैधानिक सीमा पार कर जाने के बावजूद अप्रैल में गर्भपात की अनुमति दी थी।
जानकारी
AIIMS ने चिकित्सीय गर्भपात का किया था विरोध
AIIMS ने पीड़िता के गर्भपात की अवधि समाप्त होने पर इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि किसी नाबालिग को अवांछित गर्भावस्था जारी रखने को मजबूर करना अनुच्छेद-21 के तहत उल्लंघन होगा।