CJP में 'खास' लोगों को तरजीह पर भूचाल, कार्यकर्ता मनीष ब्रह्मभट्ट का आमरण अनशन
अहमदाबाद के रहने वाले युवक मनीष ब्रह्मभट्ट ने छत्रपति संभाजीनगर, महाराष्ट्र में आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वह 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि पार्टी ने इसी हफ्ते नई 'नेशनल वर्किंग कमेटी' बनाई है, जिसमें अपने खास लोगों को तरजीह दी गई है।
उनका कहना है कि पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले अहम स्वयंसेवकों को नजरअंदाज कर दिया गया, जबकि नए राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके के करीबी साथियों को ही बड़े पद दे दिए गए।
बहिष्कार और विचार की नकल का आरोप
ब्रह्मभट्ट बताते हैं कि पार्टी के लिए कड़ी मेहनत करने वाले उन्हें और दूसरे स्वयंसेवकों को हाल ही में हुई एक कोर कमेटी की बैठक में शामिल तक नहीं होने दिया गया। उनका यह भी दावा है कि उनके सोशल मीडिया अभियान के एक विचार को CJP ने बिना उनका जिक्र किए एक अलग नाम से इस्तेमाल कर लिया।
6 अगस्त को उन्होंने एक और CJP स्वयंसेवक के साथ मिलकर दिपके के घर के बाहर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष प्रतिनिधित्व की मांग उठाई।
CJP का देशव्यापी जमीनी विस्तार का प्लान
फिलहाल, CJP ने इन आरोपों पर सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि वह अभी भी एक जमीनी आंदोलन के तौर पर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
अगले 6 महीनों में पार्टी की योजना है कि वह देश भर में राज्य समन्वय समितियां, लोकसभा स्तर की इकाइयां और शहर स्तर की इकाइयां बनाएगी। अभिजीत दिपके ने इस पार्टी की स्थापना की थी और इसका मकसद हमेशा से जमीनी स्तर पर जुड़कर काम करना रहा है।