मणिपुर के कांगपोकपी में सशस्त्र समूहों की गोलीबारी में मां-बेटी घायल, 3 घरों में आग लगाई
क्या है खबर?
मणिपुर में रविवार को एक बार फिर हिंसा फैलाने की कोशिश की गई। यहां कांगपोकपी जिले के थिंगखोंगजांग गांव में अज्ञात हथियारबंद बदमाशों ने गोलीबारी की, जिसमें 2 लोग घायल हो गए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, घायलों की पहचान नेन्गनेइचोंग किपगेन (56) और उनकी बेटी लामनेइंगा किपगेन (8), के रूप में हुई है। उनकी जांघों में गोली लगी है। दोनों को इम्फाल में भर्ती कराया गया है। इलाके में तनाव व्याप्त है।
हिंसा
3 घरों को आग के हवाले किया
थिंगखोंगजांग गांव में हुई गोलीबारी के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया। इसी बीच, पास के सेत्जांग गांव में कम से कम 3 घरों में आग लगा दी गई। आग में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। घटना को लेकर कुकी समुदाय का नेतृत्व करने वाली संस्था कुकी इनपी मणिपुर (KIM) ने निंदा की है और इसके लिए NSCN-मुइवा और उसके कथित प्रॉक्सी गुट, जुफ-कामसन के सशस्त्र कैडरों को जिम्मेदार बताया है।
जांच
जून में कुकी युवकों के इलाज पर हुआ था प्रदर्शन
यह घटना जून में, हुए विरोध प्रदर्शन के कुछ दिन बाद घटी है। तब कांगपोकपी जिले में गोलीबारी हुई थी, जिसमें 3 कुकी युवक घायल हुए थे। उनको RIMS में भर्ती कराया गया था, तभी लोगों ने घायलों को हथियारबंद उग्रवादी बताया था। इसको लेकर काफी तनाव फैला था। KIM ने सुरक्षा बलों की भूमिका पर भी सवाल उठाया है। उसने कहा कि पास में तैनात 86वीं बटालियन, एफ कंपनी की मौजूदगी के बावजूद यह हमला हुआ है।