Loading...
ममता बनर्जी की भतीजी बीरभूम स्थित घर में मृत मिली, नौकरी खोने से तनाव में थी
बृष्टि मुखर्जी ममता बनर्जी के ममेरे भाई की बेटी थी

ममता बनर्जी की भतीजी बीरभूम स्थित घर में मृत मिली, नौकरी खोने से तनाव में थी

लेखन गजेंद्र
Sep 01, 2026
04:13 pm

क्या है खबर?

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी की भतीजी बृष्टि मुखर्जी (28) मंगलवार को बीरभूम स्थित अपने घर में मृत पाई गई। वह रामपुरहाट क्षेत्र के कुसुम्बा गांव में रह रही थीं। उनका शव घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फंदे से लटका था। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। इसे आत्महत्या माना जा रहा है। हालांकि, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।

आत्महत्या

शिक्षक की नौकरी जाने से अवसाद में थी बृष्टि

द टेलीग्राफ के मुताबिक, बृष्टि के पिता निहार मुखर्जी, ममता के मामा के बेटे और TMC के स्थानीय नेता हैं।

बृष्टि ने मार्च 2023 में बोलपुर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में अपनी नौकरी खो दी थी, जिसके बाद से वह अवसाद में थीं। उनका इलाज चल रहा था।

यह मामला शिक्षक भर्ती से जुड़ा था, जिसमें कलकत्ता हाई कोर्ट ने नौकरियों को रद्द किया था और सुप्रीम कोर्ट ने उसके फैसले को कायम रखा था।

नौकरी

नौकरी खोने वालों में 608वें स्थान पर थीं बृष्टि

पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग ने 2016 में राज्य स्तरीय चयन परीक्षा आयोजित की थी, जिसमें नौकरियों के बदले घूस देने का मामला सामने आया था।

मामले में हाई कोर्ट ने 22 अप्रैल, 2024 को अवैध रूप से नौकरी प्राप्त करने वाले लगभग 26,000 लोगों को बर्खास्त कर दिया गया था। कोर्ट ने 2016 से नौकरी करने वालों को ब्याज समेत वेतन लौटाने को भी कहा था।

जिन उम्मीदवारों ने अपनी नौकरी खोई थी, उसमें बृष्टि 608वें स्थान पर थीं।

ADVERTISEMENT

जानकारी

जेल गए थे बड़े नेता और अधिकारी

बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को ममता बनर्जी के 15 साल के शासन में काला दाग माना गया। उस समय के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, TMC विधायक, स्कूल सेवा आयोग और शिक्षा बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया और आरोपपत्र दाखिल हुए।

ADVERTISEMENT

जानकारी

आत्महत्या के विचार पर यहां से लें सहायता

अगर आप या आपके जानने वाले किसी भी प्रकार के तनाव से गुजर रहे हैं और आत्महत्या करने के विचार आ रहे हैं तो आप समाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर 1800-599-0019 या आसरा NGO के हेल्पलाइन नंबर 91-22-27546669 पर संपर्क करें।

ADVERTISEMENT